सारे मतभेद भूला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व CM ने साथ आकर दतिया दंगल में संभाला मोर्चा, तगड़ी घेरेबंदी से बढ़ी BJP की मुश्किल
Sunday, Jul 05, 2026-08:31 PM (IST)
(डेस्क): दतिया विधानसभा उपचुनाव के साथ प्रदेश की सियासत पूरी तरह गरमाने लगी है। इलाका चुनावी रंग में रंग गया है। इस चुनाव को लेकर कांग्रेस कितनी गंभीर है इसकी पता इस बात से चलता है कि पार्टी के भीतर गुटबाजी और नेतृत्व को लेकर उठ रहे सवालों के बीच कांग्रेस ने दतिया से एकजुटता का बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह शनिवार को एक साथ दतिया पहुंचे और कार्यकर्ता सम्मेलन के जरिए चुनावी अभियान का औपचारिक आगाज किया।
स्वागत के बाद दोनों नेताओं ने मंच साझा किया और पार्टी के भीतर किसी भी तरह के मतभेद से इनकार करते हुए कार्यकर्ताओं से अपील की कि उन्हें किसी व्यक्ति के लिए नहीं बल्कि हाथ के पंजे के लिए काम करना है। राजनीतिक जानकार इसे केवल चुनावी सम्मेलन नहीं, बल्कि कांग्रेस के भीतर एकजुटता का सार्वजनिक प्रदर्शन मान रहे हैं। क्योंकि हाल ही के समय में कांग्रेस के भीतर कई मुद्दों पर मतभेद सार्वजनिक रूप से उजागर हुए थे। इसी तारतम्य में कांग्रेस अब दतिया की सीट को लेकर काफी सजग और गंभीर दिखाई दे रहे हैं।
राज्यसभा चुनाव के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के बीच बयानबाजी चर्चा में रही थी। तो इसके बाद फिर उज्जैन कथित भूमि घोटाले के मुद्दे पर मोहन यादव को घेरने की रणनीति को लेकर भी दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी के अलग रुख की चर्चा राजनीतिक सरगर्मियां बनीं।
इसी को लेकर एक बार फिर भाजपा कांग्रेस की अंदरूनी कलह का फायदा उठाने की कोशिश कर रही है। राज्यसभा चुनाव में जैसे कांग्रेस की किरकिरी हुई शायद कांग्रेस उशको फिर से दोहराना नहीं चाहती। ऐसे माहौल में दोनों वरिष्ठ नेताओं का एक साथ मंच साझा करना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जानकारों का मानना है कि अगर दिग्गी और जीतू दतिया चुनाव को लेकर एक साथ मोर्चा संभालते है तो कांग्रेस के लिए ये संजीवनी का काम करेगा और कांग्रेस की ज्यादा संभावनाएं जीतने की बन सकती हैं।

