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दतिया में क्या BJP बदलेगी अपना प्रत्याशी? MP के दिग्गज मंत्री के बयान ने कर दिया बड़ा खुलासा

Saturday, Jul 11, 2026-02:26 PM (IST)

भोपाल/दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव में प्रत्याशी चयन को लेकर मचे राजनीतिक घमासान के बीच भाजपा ने अब संगठनात्मक एकजुटता का स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद जहां उनके समर्थकों का विरोध चर्चा का विषय बना हुआ है, वहीं प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के ताजा बयान ने इस पूरे घटनाक्रम को नया राजनीतिक आयाम दे दिया है।

कैलाश विजयवर्गीय ने साफ शब्दों में कहा कि भाजपा का प्रत्येक निर्णय व्यापक विचार-विमर्श के बाद लिया जाता है और दतिया में घोषित उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ही पार्टी का चेहरा हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि भाजपा इस उपचुनाव में बड़ी जीत दर्ज करेगी और पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा भी पूरी निष्ठा के साथ संगठन के लिए काम करेंगे।

विजयवर्गीय ने कहा कि किसी भी चुनाव में टिकट के दावेदारों की संख्या अधिक होती है, लेकिन हर किसी को उम्मीदवार नहीं बनाया जा सकता। ऐसे में पार्टी का निर्णय ही अंतिम होता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा एक बार प्रत्याशी घोषित कर देती है तो फिर उस फैसले में बदलाव नहीं करती। इसे राजनीतिक गलियारों में टिकट बदलने की तमाम अटकलों पर पूर्ण विराम के तौर पर देखा जा रहा है।

उधर, टिकट नहीं मिलने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने भी संयमित रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार तय करना पार्टी का अधिकार है और संगठन का निर्णय उनके लिए सर्वोपरि है। साथ ही उन्होंने अपने समर्थकों से भावनाओं पर नियंत्रण रखने और किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन से बचने की अपील की।

डॉ. मिश्रा ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे विरोध के वीडियो का उल्लेख करते हुए कहा कि असहमति व्यक्त करने का भी एक संगठनात्मक तरीका होता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने और अपनी बात पार्टी मंच पर रखने का आग्रह किया।

गौरतलब है कि भाजपा द्वारा आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद दतिया में नरोत्तम मिश्रा समर्थकों ने तीखा विरोध दर्ज कराया था। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर कई घंटों तक जाम लगा रहा, शहर के कुछ हिस्सों में बाजार बंद रहे और कुछ स्थानों पर पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति भी बनी।

अब भाजपा नेतृत्व के लगातार आ रहे बयानों से यह संकेत देने की कोशिश की जा रही है कि संगठन प्रत्याशी चयन के फैसले पर पूरी तरह कायम है और उपचुनाव में पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर चुका है। राजनीतिक विश्लेषकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में नरोत्तम मिश्रा की सक्रियता और उनके समर्थकों का रुख चुनावी माहौल को किस तरह प्रभावित करता है।


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Content Editor

Himansh sharma

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