जेल में कैदी की हो रही थी फुल सेवा, लजीज भोजन, मिनरल वाटर के साथ मोबाइल सुविधा, 2 जेल प्रहरी तत्काल निलंबित,रचा था प्लान
Sunday, Mar 29, 2026-04:57 PM (IST)
(अंबिकापुर): छतीसगढ़ के अंबिकापुर से लापरवाही का ऐसा मामले सामने आया है जिससे हर कोई हैरान है। जेल में ही कैदी को मनपसंद सुविधाएं उपलब्ध कराने पर दो प्रहरियो पर गाज गिरी है, दोनों को निलंबित कर दिया गया है और साथ ही जांच के आदेश भी दे दिए गए है। लापरवाही के आरोप पर केंद्रीय जेल अधीक्षक ने जेल प्रहरी जयप्रकाश कुजुर और लोकनाथ निषाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित करके आगे की कार्रवा शुरु कर दी है। इन दोनों की ड्यूटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जेल वार्ड में थी।
बंदी को जेल प्रहरियों की सांठगांठ से मिल रहीं थी सुविधाएं
दरअसल जेल वार्ड में बंदी को मनपसंद भोजन, मिनरल वाटर के साथ ही मोबाइल जैसी सुविधाएं मिल रही थीं। आरोप है कि बंदी को जेल प्रहरियों की सांठगांठ से सारी सुविधाएं मिल रही थीं। शिकायत पर जेल अधीक्षक ने स्वयं जेल वार्ड का औचक निरीक्षण किया और निरीक्षण में अनियमितताएं पाई गईं। जेल वार्ड के बाहर का ताला खुला हुआ था। बंदियों से मुलाकात नियमों का भी उल्लंघन पाया गया, इस पर जेल अधीक्षक ने निलंबन का आदेश जारी कर विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए ।
क्या था पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक मनेंद्रगढ़ जेल से एक कैदी को केंद्रीय जेल अंबिकापुर में शिफ्ट किया गया, उसने अपने आप को बीमार बताया था, जेल चिकित्सक की सलाह पर उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया और यहां पर चिकित्सक ने उसे भर्ती कर दिया।
यही नहीं उसके लिए अटेंडर की भी जरुरत बताई गई, जिसकी वजह से जेल प्रबंधन को मंजूरी देनी पड़ी। लेकिन आरोप है कि यह सारी व्यवस्था प्रभाव के चलते ही संभव हुई। इसके बाद तो बंदी सुविधाओं का गलत तरीके से फायदा उठाने लगा। मनमाने तरीके से घरवाले और जानने वालों ने बंदी के साथ मिलना शुरु कर दिया। जेल नियम सरेआम ताक पर रखे जाने लगे।
इस पूरे काम में जेल प्रहरियों की पूरी भूमिका थी। औचक निरीक्षण में जेल अधीक्षक काफी आक्रोशित हुए और ड्यूटी पर तैनात प्रहरी जयप्रकाश कुजूर तथा लोकनाथ निषाद को निलंबित कर दिया।

