हॉस्टल में रहने वाली 10वीं छात्रा के गर्भवती होने की जानकारी छात्रावास अधीक्षिका ने छिपाई, कलेक्टर ने किया निलंबित
Sunday, Mar 22, 2026-02:35 PM (IST)
(सुकमा): छतीसगढ़ के सुकमा में प्रशासन ने एक बड़ा एक्शन किया है। दरअसल एक छात्रा से जुड़े एक मामले में ये कार्रावई हुई है। छात्रावास अधीक्षिका को कलेक्टर ने निलंबित करके कड़ी कार्रवाई की है। ये कार्रवाई सुकमा जिले की एक सरकारी स्कूल के कक्षा 10वीं की छात्रा के गर्भवती पाए जाने के मामले हुई है। इस मामले में प्रशासन ने गंभीर लापरवाही मानते हुए सख्त कदम उठाया है। जांच में छात्रावास अधीक्षिका का गंभीर लापरवाही सामने आई है और उसको तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। 17 मार्च को छात्रावास में रहने वाली छात्रा की तबीयत बिगड़ने पर ये केस सामने आया था।
जिला प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच समिति की थी गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने फौरन ही तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। इस जांच रिपोर्ट के बाद ही अधीक्षिका के गंभीर चूक सामने आई थी। जांच में यह पाया गया कि 10वीं की छात्रा के गर्भवती होने की जानकारी अधीक्षिका को पहले से थी, लेकिन अधीक्षिका ने इसे आगे नहीं बताया और मामले को दबाए रखा। इसके साथ ही जांच में छात्रावास संचालन में भी कई खामियां सामने आईं थीं और छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लापरवाही सामने आई थी। समिति ने 20 मार्च को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी जिसके बाद इस तरह के खुलासे हुए थे।
कलेक्टर अमित कुमार ने अमल में लाई कड़ी कार्रवाई
कलेक्टर अमित कुमार ने इस मामले को बेहद गंभीर मानते हुए अधीक्षिका माहेश्वरी निषाद, (मूल पद प्रधान पाठक, प्राथमिक शाला ओडडीनगुड़ा) पर निलंबन की गाज गिराई है। निलंबन अवधि में अधीक्षिका का उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कोंटा रहेगा। लिहाजा अब छात्रावास संचालन की जिम्मेदारी सहायक अधीक्षिका को सौंपी गई है।
गौर करने वाली बात है कि छात्रावासों में पढ़ने वाली छात्राओं की सुरक्षा की वैसै अहम जिम्मेवारी वहां के प्रशासन की होती है। ऐसे में छात्रावास स्टाफ और अधीक्षिक की जिम्मेवारी और कर्तव्य और भी बढ़ जाता है। लिहाजा इस मामले में कलेक्टर ने कड़ा एक्शन लेकर संदेश देने की कोशिश की है।

