SDM पर बड़ी कार्रवाई! कलेक्टर ने पद से हटाया...इन्हें मिली जिम्मेदारी

Thursday, Mar 12, 2026-08:36 PM (IST)

खंडवा (मुश्ताक मंसूरी) : खंडवा जिले की पंधाना की एसडीएम दीक्षा भगोरे को उनके पद से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता के निर्देश पर की गई। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, एसडीएम के कार्यकाल के दौरान लगातार सामने आ रही शिकायतों और आवेदकों की नाराजगी के बीच कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा निर्णय लेते हुए पंधाना एसडीएम दीक्षा भगोरे से उनका चार्ज वापस ले लिया है। उन्हें तत्काल प्रभाव से कलेक्टर कार्यालय में अटैच कर दिया गया है।

1400 जाति प्रमाण पत्र आवेदन किए गए निरस्त

बताया जा रहा है कि एसडीएम दीक्षा भगोरे द्वारा लगभग 1400 जाति प्रमाण पत्र के आवेदनों को बिना स्पष्ट कारण बताए निरस्त कर दिया गया था। इन आवेदनों को रिजेक्ट किए जाने से बड़ी संख्या में आवेदकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शिकायतें मिलने के बाद मामले की जांच की गई, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटा दिया।

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सरकारी जमीनों पर कब्जा कराने के भी लगे आरोप

एसडीएम दीक्षा भगोरे पर सरकारी जमीनों पर कब्जा कराने से जुड़े आरोप भी लगाए गए थे। स्थानीय स्तर पर इन मामलों को लेकर लगातार शिकायतें प्रशासन तक पहुंच रही थीं। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर कार्यालय ने मामले को संज्ञान में लेकर प्रशासनिक कदम उठाया।

डिप्टी कलेक्टर दिनेश सावले संभालेंगे SDM चार्ज

इसी बीच बुधवार को कलेक्टर कार्यालय से जारी प्रशासनिक आदेश के अनुसार कार्य विभाजन में आंशिक संशोधन करते हुए डिप्टी कलेक्टर दीक्षा भगोरे को कलेक्टर कार्यालय में विभिन्न शाखाओं का दायित्व सौंपा गया है। वहीं पंधाना एसडीएम का चार्ज अब डिप्टी कलेक्टर दिनेश सावले को दिया गया है, ताकि क्षेत्र में प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों और व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होती रहे।

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कलेक्टर कार्यालय में मिली कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां

कार्रवाई के बाद दीक्षा भगोरे को पंधाना एसडीएम पद से हटाकर कलेक्टर कार्यालय की निर्वाचन शाखा में अन्य प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है। जारी आदेश के अनुसार डिप्टी कलेक्टर दीक्षा भगोरे को कलेक्टर कार्यालय में निर्वाचन शाखा सहित कई महत्वपूर्ण शाखाओं का दायित्व सौंपा गया है। इनमें उप जिला निर्वाचन अधिकारी (सामान्य भारत निर्वाचन आयोग), स्थानीय निर्वाचन, निर्वाचन संबंधी अन्य कार्य, वरिष्ठ लिपिक शाखा, मुख्यमंत्री घोषणाओं से जुड़े कार्य, लोक सेवा गारंटी अधिनियम, समाधान ऑनलाइन, जनसुनवाई, सीएम हेल्पलाइन, समाधान एक दिन, देवस्थान एवं धर्मस्व शाखा, सूचना का अधिकार शाखा, लोकसभा-राज्यसभा-विधानसभा प्रश्नों के उत्तर संबंधी समन्वय, मुख्यमंत्री प्रवास के दौरान कार्यक्रम समन्वय, राजस्व प्रशिक्षण, राहत शाखा, आपदा प्रबंधन समन्वय सहित अन्य प्रशासनिक दायित्व शामिल हैं।

प्रक्रिया में सुधार की उम्मीद

प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि जाति प्रमाण पत्र आवेदनों से जुड़े मामले को गंभीरता से लिया गया है और अब पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जाएगी। नए प्रभार के बाद पंधाना क्षेत्र में प्रमाण पत्र संबंधी आवेदनों के निराकरण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद जिले में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है और अब सभी की नजर इस बात पर है कि जाति प्रमाण पत्र से जुड़े आवेदनों के मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।


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Content Writer

meena

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