छतरपुर कलेक्टर को कारण बताओ नोटिस, आदेश की अवहेलना पर हो सकती है बड़ी कार्रवाई

Monday, Mar 02, 2026-09:21 PM (IST)

छतरपुर (राजेश चौरसिया) : छतरपुर जिला न्यायालय के व्यवहार न्यायाधीश दिव्यांशु गुप्ता ने एक जमीनी विवाद में न्यायालयीन आदेश की अवहेलना को गंभीर मानते हुए कलेक्टर छतरपुर को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि आदेश का पालन न करने और निष्पादन कार्यवाही में असहयोग के चलते क्यों न उनके शासकीय वाहन और कार्यालय की कुर्सी को विधि अनुसार कुर्क किया जाए तथा अवमानना की कार्यवाही की जाए।

1960 के पट्टे से शुरू हुआ विवाद, 2019 में अपील में पलटा फैसला

एडवोकेट वशिष्ठ नारायण श्रीवास्तव ने बताया कि ग्राम बकायन, तहसील व जिला छतरपुर स्थित सर्वे नंबर 613 (2.74 एकड़) और 640/1 (8.38 एकड़) कुल 11.12 एकड़ भूमि का पट्टा वर्ष 1960 में दयाराम काछी को दिया गया था। वर्ष 2012 तक राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज रहने के बाद तहसीलदार ने आदेश पारित कर भूमि शासन के नाम दर्ज कर दी।

इस आदेश के खिलाफ अपीलों का सिलसिला चला। अंततः षष्टम अपर जिला न्यायाधीश ने 26 जुलाई 2019 को आदेश पारित करते हुए दयाराम के पुत्र दामोदर कुशवाहा व गोविंद दास कुशवाहा को भूमि स्वामी माना और स्थायी स्टे भी प्रदान किया।

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कमिश्नर व तहसीलदार के आदेश के बाद भी नामांतरण नहीं

सागर संभाग के कमिश्नर द्वारा 26 सितंबर 2022 को पारित आदेश तथा तहसीलदार के 3 अक्टूबर 2023 के आदेश में भी अपीलीय न्यायालय के निर्णय के अनुरूप राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद आज तक राजस्व अभिलेखों में नामांतरण नहीं किया गया। वादी पक्ष ने आदेश के क्रियान्वयन हेतु पुनः व्यवहार न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया। 31 जनवरी 2026 को कलेक्टर को दो सप्ताह में पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए, लेकिन 19 फरवरी और 28 फरवरी 2026 की पेशी तक कोई प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया।

कोर्ट ने कहा– आचरण निंदनीय, सुप्रीम कोर्ट की मंशा प्रभावित

न्यायालय ने टिप्पणी की कि कलेक्टर की ओर से खुले तौर पर आदेश की अवहेलना की जा रही है, जिससे प्रकरण का शीघ्र निराकरण संभव नहीं हो पा रहा। इसे पदेन कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही माना गया है। अब न्यायालय ने नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न उनके विरुद्ध न्यायालय अवमान अधिनियम, 1971 की धारा 12 तथा भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 210(बी) के तहत दंडात्मक कार्यवाही की जाए।

10 मार्च को अगली सुनवाई

प्रकरण में कलेक्टर छतरपुर की ओर से नोटिस के जवाब हेतु अगली पेशी 10 मार्च 2026 नियत की गई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रशासन की ओर से क्या जवाब पेश किया जाता है और न्यायालय आगे क्या रुख अपनाता है।


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meena

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