सोना 40 हजार टूटा, चांदी 1.30 लाख... रातों रात क्यों गिरे सोने-चांदी के भाव...जानें बड़ी वजह
Saturday, Jan 31, 2026-02:14 PM (IST)
भोपाल : पिछले कुछ दिनों से सोने चांदी की कीमतों में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल रही थी। लेकिन शुक्रवार रात को सर्राफा बाजार में हाहाकार मच गया। इसकी वजह पिछले कुछ समय से रॉकेट की रफ्तार से भाग रहे सोने-चांदी के भाव में अचानक कमी आना रहा। सोने चांदी के भाव को लेकर बाजार में एक बड़ा 'हार्ट अटैक' देखने को मिला। क्योंकि गुरुवार को सोने-चांदी की कीमतों ने आसमान को छूते हुए नए कीर्तिमान स्थापित किए थे, वहीं शुक्रवार को मुनाफावसूली की ऐसी आंधी चली कि सारा मुनाफा मिट्टी में मिल गया।
औंधे मुंह गिरे दाम
सोने की कीमतों में आई गिरावट ने छोटे खरीदारों को तो राहत दी, लेकिन ऊंचे भाव पर दांव लगाने वाले निवेशकों को बड़ा झटका दिया है। सोना ₹1,93,096 के अपने उच्चतम स्तर से अचानक ₹25,500 नीचे गिरकर ₹1,67,406 प्रति 10 ग्राम तक आ गया। राजधानी दिल्ली के बाजार में 99.9% शुद्धता वाला सोना ₹14,000 की बड़ी गिरावट के साथ ₹1,69,000 पर बंद हुआ।
क्यों गिरे अचानक दाम, ये है बड़ी वजह
कीमती धातुओं के बाजार में अचानक आई भारी गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है। सोना और चांदी दोनों में तेज टूट देखने को मिली, जिससे बाजार में हड़कंप मच गया। बाजार विशेषज्ञों और एचडीएफसी सिक्योरिटीज के विश्लेषकों के मुताबिक, इस महा-गिरावट के पीछे तीन बड़े कारण जिम्मेदार रहे।
सबसे पहला कारण संस्थागत मुनाफावसूली माना जा रहा है। लंबे समय से चली आ रही तेजी के बाद बड़े संस्थागत निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर जमकर बिकवाली की। जब कीमतें अपने शिखर पर थीं, तब बड़े खिलाड़ियों ने मुनाफा निकाल लिया, जिससे बाजार में खरीद का सहारा कमजोर पड़ गया और दाम धड़ाम से गिरने लगे।
दूसरा अहम ट्रिगर रहा डॉलर की मजबूती
वैश्विक बाजार में डॉलर इंडेक्स में सुधार के चलते सोना-चांदी जैसी कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा। आमतौर पर डॉलर के मजबूत होने पर गोल्ड और सिल्वर की मांग घटती है, क्योंकि ये निवेश के लिहाज से कम आकर्षक हो जाते हैं।
तीसरी बड़ी वजह बनी डोनाल्ड ट्रंप और ‘वार्श’ फैक्टर
अमेरिका में केविन वार्श को फेडरल रिजर्व का अगला प्रमुख नामित किए जाने की खबर से निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ी है। आशंका जताई जा रही है कि नया नेतृत्व ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपना सकता है, जिससे बाजार ‘रिस्क-ऑफ’ मोड में चला गया।
ग्लोबल मार्केट में भी हाहाकार
भारतीय बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोना-चांदी बुरी तरह पस्त नजर आए। हाजिर सोना करीब 285 डॉलर टूटकर 5,087 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। कारोबार के दौरान इसने 4,945 डॉलर का निचला स्तर भी छुआ, जो पिछले सत्र के 5,595 डॉलर के उच्च स्तर से काफी नीचे है। वहीं हाजिर चांदी में तो 12 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई और यह 101.47 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी।
विशेषज्ञों की राय
इनक्रेड मनी के सीईओ विजय कुप्पा का कहना है कि तेजी के दौर में बाजार में कोई मजबूत सपोर्ट लेवल नहीं बन पाया था, इसी वजह से गिरावट इतनी तेज और गहरी रही। तकनीकी रूप से बाजार पहले ही ओवरबॉट जोन में पहुंच चुका था, जहां करेक्शन आना लगभग तय था। कुल मिलाकर, वैश्विक संकेतों, डॉलर की मजबूती और संस्थागत बिकवाली के दबाव ने मिलकर सोना-चांदी की चमक फीकी कर दी है। निवेशकों के लिए आने वाले दिनों में सतर्कता बेहद जरूरी मानी जा रही है।

