राजेंद्र भारती ने क्यों बनाई जीतू और दिग्विजय सिंह की दतिया बैठक से दूरी, वजह आई सामने
Sunday, Jul 05, 2026-06:05 PM (IST)
दतिया : दतिया विधानसभा चुनाव को लेकर सियासत गरमा गई है। दतिया में कांग्रेस प्रत्याशी चयन के लिए कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह एवं प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी दतिया में कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता मौजूद रहे। खास बात यह कि इस बैठक में पूर्व विधायक राजेंद्र भारती नदारद रहे। जिसे लेकर कई सियासी सवाल उठ रहे थे। हालांकि इस अहम बैठक में शामिल न होने की वजह खुद राजेंद्र भारती ने बताई है।
दतिया उपचुनाव के ऐलान के साथ ही कांग्रेस दतिया में सक्रिय हो गई है। शनिवार को दतिया में आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह और वरिष्ठ नेता डॉ. गोविंद सिंह ने संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से अलग-अलग बैठक कर चुनावी रणनीति पर चर्चा की। बैठक में संभावित उम्मीदवारों के नामों पर भी मंथन हुआ।
जीतू पटवारी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस का सबसे बड़ा प्रत्याशी उसका चुनाव चिन्ह 'पंजा' है। उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरेगी। पटवारी ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस अपना प्रत्याशी जल्द घोषित करेगी और 11 या 13 जुलाई को नामांकन भी भरेगी।
इस दौरान राजेंद्र भारती की अनुपस्थिति की वजह भी सामने आई। कार्यक्रम के दौरान जीतू पटवारी मंच पर मोबाइल फोन लेकर पहुंचे। फोन दिल्ली से राजेंद्र भारती का था। जीतू पटवारी ने माइक पर स्पीकर ऑन कर कार्यकर्ताओं को राजेंद्र भारती की बात सुनवाई। राजेंद्र भारती ने बताया कि दिल्ली में उनका हर्निया का ऑपरेशन हुआ है, जिसके कारण वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने अपने स्वास्थ्य की जानकारी दी, लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी को लेकर कोई संकेत नहीं दिया।
बता दें कि कांग्रेस की ओर से टिकट की दौड़ में पूर्व विधायक घनश्याम सिंह, पूर्व पाठ्य पुस्तक निगम उपाध्यक्ष अवधेश नायक और पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के पुत्र अंकित भारती या उनकी पत्नी के नाम प्रमुख दावेदारों के रूप में चर्चा में हैं। इसके अलावा कुछ अन्य नेताओं ने भी अपनी दावेदारी पेश की है। हालांकि सारी स्थिति आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ होगी।

