यू हीं कांग्रेस ने नटराजन पर नहीं लगाई बाजी,पूर्व PM के खास और महारथी को चटा चुकी धूल,जो कांग्रेस दिग्गज नहीं कर पाए थे वो मीनाक्षी ने किया
Saturday, Jun 06, 2026-06:15 PM (IST)
(भोपाल): मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर BJP और कांग्रेस अपने-अपने प्रत्याशियों का ऐलान कर चुकी है। जहां बीजेपी ने तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल को राज्यसभा भेजने का फैसला किया है वहीं कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन पर दांव लगाया है। उम्मीदवारों के ऐलान के साथ ही जहां बीजेपी में सब ठीक हैं वहीं कांग्रेस में मीनाक्षी नटराजन के नाम को लेकर विरोध हो रहा है। लेकिन क्या आपको पता है कि नटराजन के ऐलान के पीछे की कहानी क्या है। दरअसल मीनाक्षी नटराजन किसी समय पूर्व प्रधानमंत्री के करीबी रहे कद्दावर नेता को भी चुनाव में धूल चटा चुकी है। तो आइए जानते है मीनाक्षी नटराजन से जुड़ी खास बातें जिसे शायद ही आप जानते हैं।
पूर्व पीएम बाजपेयी के करीब लक्ष्मीनारायण पांडे को दे चुकी हैं मात
मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा भेजने के पीछे कांग्रेस का फैसला कई चीजों को देखकर लिया है।नटराजन NSUI की राष्ट्रीय अध्यक्ष और युवा कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रह चुकी हैं। इस तरह से उनके राजनीति का कद्दावर माना जा सकता है। लेकिन साल 2009 में उन्होंने ऐसे नेता को हराया था जिससे उनका नाम हर ओर हो गया था। मध्य प्रदेश की मंदसौर लोकसभा सीट पर भाजपा का लंबे समय से कब्जा था। यहां भाजपा के लक्ष्मीनारायण पांडे लगातार 6 बार से सांसद थे।
कांग्रेस 1989 से 2004 तक कई बड़े नेताओं को टिकट दिया लेकिन जीत नहीं सके। लक्ष्मीनारायण पांडे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के करीबी थे और उनको हराना आसान नहीं था। लेकिन 20 सालों तक लगातार हारने के बाद कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को मंदसौर से टिकट दिया। यह टिकट देना काम कर गया, कांग्रेस ने बीजेपी के गढ़ में सेंध लगा दी। 2009 लोकसभा चुनाव में नटराजन ने लक्ष्मीनारायण पांडे को 30819 वोटों से हरा दिया। इस जीत के बाज नटराजन का नाम हो गया।
साफ छवी और जमीन से जुड़ी नेता हैं नटराजन
पूर्व लोकसभा सांसद नटराजन राहुल गांधी की करीबी मानी जाती हैं, कांग्रेस उन्हें राज्यसभा के रास्ते वापस दिल्ली की राजनीति लाने की कोशिश कर रही है। वहीं साल 2009 में भाजपा का विजयरथ भी नटराजन ने ही रोका था।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नटराजन ने पूर्व में बड़े भाजपा नेता को हराकर उस क्षेत्र में कांग्रेस का परचम लहराया था जहां पर कांग्रेस कई सालों से जीत के लिए तरस रही थी। वहीं दूसरी ओर साफ छवि होने के कारण भी पार्टी उन्हें राज्यसभा भेजना चाहती है। इसके अलावा राहुल गांधी ने साल 2007 में इंडियन युथ कांग्रेस और NSUI का महासचिव बनाए जाने के बाद साल 2008 में जमीनी स्तर के युवाओं को कांग्रेस में शामिल करने के अभियान के तहत मीनाक्षी नटराजन को अपनी टीम में शमिल किया था। यही कुछ फैक्ट्स हैं जो मीनाक्षी नटराजन के चयन को लेकर आधार बने हैं।

