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MP में 535 अतिथि शिक्षकों को नौकरी से हटाया, नाराज शिक्षकों ने सरकार से मांगी इच्छा मृत्यु, राष्ट्रपति, पीएम से भी गुहार

Thursday, Oct 16, 2025-08:34 PM (IST)

भोपाल: मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग ने दिवाली से पहले 535 अतिथि विद्वानों को फॉलेन आउट कर दिया, जिससे राज्य भर में शिक्षकों में नाराजगी फैल गई है। अतिथि विद्वान संगठन ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से इस शोषणकारी नीति को रद्द करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि उनकी बात नहीं मानी गई तो आंदोलन किया जाएगा। अतिथि विद्वान नियमतिकरण संघर्ष मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुरजीत सिंह भदौरिया ने बताया कि कई विद्वान 20 से 25 साल से सरकारी महाविद्यालयों में पढ़ा रहे हैं। सभी पीएचडी और नेट योग्य हैं, उनकी उम्र 45 से 55 साल के बीच है। ऐसे में नियमित करने के बजाय उन्हें फॉलेन आउट कर नौकरी से बाहर किया जाना उनके परिवार का भरण-पोषण मुश्किल कर रहा है।

भदौरिया ने कहा, "चालू शिक्षा सत्र में री-डिप्लॉयमेंट के आधार पर 535 प्रोफेसरों को एक कॉलेज से दूसरे कॉलेज में भेजा गया और वहीं नियमित पदस्थ किया गया, लेकिन इसका खामियाजा अतिथि विद्वानों को भुगतना पड़ रहा है। चुनाव के समय घोषणाएं की जाती हैं कि अतिथि विद्वानों को नियमित किया जाएगा, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद कोई कार्रवाई नहीं होती।"

पूर्व घोषणाओं का हवाला
11 सितंबर 2023 को तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री और वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में घोषणा हुई थी कि अतिथि विद्वानों को ₹1,500 कार्य दिवस मानदेय की जगह फिक्स वेतन ₹50,000 मिलेगा। अतिथि विद्वानों के पद भरे हुए माने जाएंगे और उन्हें नौकरी से बाहर नहीं किया जाएगा। अतिथि विद्वानों को सरकारी कर्मचारियों जैसी सभी सुविधाएं दी जाएंगी। भदौरिया ने कहा कि हरियाणा सरकार ने अपने अतिथि विद्वानों का भविष्य सुरक्षित कर दिया है, वहां उन्हें 65 साल तक यूजीसी पे स्केल के तहत सभी सुविधाएं दी जाती हैं और किसी को फॉलेन आउट नहीं किया गया।

उच्च शिक्षा मंत्री का बयान आया सामने
उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने मंत्रालय में बैठक कर निर्देश दिए कि फॉलेन आउट अतिथि विद्वानों को हर माह दो बार स्थान चयन का मौका मिलेगा और रिक्त पदों की जानकारी पोर्टल पर अपडेट की जाएगी


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Content Writer

Vikas Tiwari

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