एडवोकेट अनिल मिश्रा को बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका, सरकार ने मांगा समय
Saturday, Jan 03, 2026-02:52 PM (IST)
ग्वालियर: संविधान निर्माता डॉ. बी आर अंबेडकर के अपमान में गिरफ्तार हुए ग्वालियर बेंच से बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट अनिल मिश्रा को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने फिलहाल उनकी याचिका खारिज करते हुए उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया है। अनिल मिश्रा समेत चार लोगों की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की स्पेशल बेंच ने पुलिस को केस डायरी के साथ तलब किया है। वहीं राज्य सरकार से जवाब मांगा। इस दौरान राज्य सरकार की ओर से भी कोर्ट से समय की मांग की गई है। इसके बाद कोर्ट ने 4 जनवरी को स्पेशल बेंच में मामले की सुनवाई होगी। रविवार को सुनवाई के बाद ही फैसला हो सकेगा कि एडवोकेट अनिल मिश्रा और उनके साथी जेल से बाहर आएंगे या फिर कैट में रहेंगे।

जेल में बंद अनिल मिश्रा और अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि ग्वालियर पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया। पहले गिरफ्तारी की गई बाद में एफआईआर दर्ज की गई। परिजनों को भी गिरफ्तारी की सूचना समय पर नहीं दी गई। अधिवक्ता ने यह भी कहा कि एससी एसटी एक्ट के तहत नोटिस देकर छोड़ने का प्रावधान है, लेकिन इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।

बता दें कि डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र को जलाने, पैरों से कुचलने और अपमानजनक नारे लगाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया था। आरोपियों में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ग्वालियर के पूर्व अध्यक्ष वकील अनिल मिश्रा भी शामिल हैं। अदालत ने अनिल मिश्रा को मेडिकल आधार पर अस्पताल में भर्ती कराने के आदेश दिए, जबकि अन्य तीन आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

गौरतलब है कि पुलिस ने इस मामले में बीते दिन 7 नामजद आरोपियों और अन्य के खिलाफ SC/ST एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया था। फरार चल रहे आरोपियों में से चार को पुलिस ने देर रात गिरफ्तार किया, जबकि फिलहाल तीन आरोपी अब भी फरार हैं।

