रूह को झकझोर देने वाली घटना: सिग्नल पर भीख मांगने वाली 8 साल की बच्ची से दरिंदगी, खाना खिलाने का लालच देकर हैवानियत
Friday, Feb 06, 2026-01:27 PM (IST)
रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नाबालिग लड़कियों के साथ अपराधों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। ताजा मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है जहां सिग्नल पर भिक्षा मांगकर गुजारा करने वाली आठ वर्षीय बच्ची को बुधवार-गुरुवार की दरम्यानी रात एक कार चालक ने खाना खिलाने के लालच में अपहरण कर लिया और वीआईपी रोड पर ले जाकर दुष्कर्म किया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के सहारे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसकी जानकारी आज रायपुर पुलिस ने दी। यह घटना मात्र दो सप्ताह बाद सिविल लाइन इलाके में नौ वर्षीय बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के बाद सामने आई है।
तेलीबांधा सिग्नल पर बुधवार रात करीब नौ बजकर तीस मिनट पर पीड़ित अपनी सहेली के साथ वाहन चालकों से पैसे मांग रही थी। इसी दौरान स्विफ्ट कार सवार 21 वर्षीय नवीन सोनी ने दोनों नाबालिगों को खाना खिलाने का झांसा देकर गाड़ी में बिठा लिया। ललित महल के पास पहुंचकर उसने सहेली को खाने-पीने का सामान लाने के बहाने भेज दिया और कार आगे बढ़ाकर पीड़ित के साथ दुष्कर्म को अंजाम दिया। देर शाम तक बच्ची घर न लौटी तो परिजनों ने तेलीबांधा थाने को सूचना दी। एसीसीयू और स्थानीय पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर रातभर तलाशी अभियान चलाया। गुरुवार सुबह चार बजे सिलतरा निवासी आरोपी नवीन को दबोच लिया गया। ट्रेवल एजेंसी में ड्राइवर के रूप में काम करने वाले नवीन ने पूछताछ में अपना अपराध कबूल कर लिया। पीड़ित ने भी परिजनों को पूरी घटना सुनाई।
पुलिस ने अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसी बीच, 12 जनवरी को सिविल लाइन थाना क्षेत्र में 65 वर्षीय अब्दुल अंसारी ने मोहल्ले की नौ वर्षीय बच्ची के साथ पांच दिनों तक दुष्कर्म किया। चॉकलेट का लालच देकर उसे अपने पास बुलाता और गैरकानूनी कार्य करता। बुजुर्ग ने बच्ची को किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी, जिससे वह डर के मारे चुप रही। सुबह दर्द से कराहती बच्ची को चाची ने नहलाते समय सच्चाई का पता चला। परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। ये घटनाएं शहर में नाबालिगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। पुलिस ने दोनों मामलों में सख्त कारर्वाई की है, लेकिन अभिभावकों और समाज को भी सतर्क रहने की जरूरत है।

