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जनता जनार्धन के लिए घने और डरावने जंगल के बीच 8 किमी पैदल चले भाजपा विधायक, हर तरफ हो रही तारीफ

Friday, Jan 30, 2026-06:59 PM (IST)

बैतूल (रामकिशोर पंवार) : नेताओं को लेकर एक बात आम तौर पर कही जाती है कि चुनाव के समय वोट लेने जनता के बीच 4 दिन घूमते हैं और जीतने के बाद शक्ल तक नहीं दिखाते, लेकिन मध्य प्रदेश के भाजपा विधायक ने इस धारणा के बिल्कुल विपरीत वो कर दिया, जिसके बारे में जानकर हर कोई हैरान है। दरअसल, बीते गुरूवार 29 जनवरी 2026 को भाजपा विधायक दर्जनों ग्राम वासियों के साथ एक दो नहीं बल्कि पूरे 8 किमी का पैदल रास्ता तय किया। जंगली जानवरों की बसाहट वाले सारणी - बैलोण्ड - आवरिया - आमला मार्ग पर पैदल जंगल सफारी कोई फिल्मी कहानी नहीं बल्कि एक सचित्र ग्राऊण्ड रिर्पोट है जब आधा दर्जन अधिकारी एवं कर्मचारियों की पूरी टीम दर्जनों ग्राम वासियों के संग सतपुड़ाचल में बसे बैतूल जिले की पहाड़ियों में उस पैदल वनमार्ग पर संभावनाओं को तलाशने के लिए निकल पड़ी। सुबह से शाम हो गई पहाड़ी के एक छोर (सारणी) से दूसरे छोर (आमला) तक पहुंचने के लिए 35 किमी का मार्ग की दूरी मात्र 20 किमी रह जाएगी।

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13 जनवरी दिन मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में आमला और सारनी क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीण, आमला - आवरिया - सारनी सड़क निर्माण को लेकर हुंकार भरने पहुंचे। ग्रामीणों ने कलेक्टर और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सदस्य हेमंत खंडेलवाल के नाम ज्ञापन सौंपकर बताया कि सड़क निर्माण की मांग की है। यह सड़क बनने से आमला - सारनी की दूरी भी कम हो जाएगी। वर्तमान में सारणी से बैतूल की दूरी 45 किमी है तथा सारणी से आमला से बैतूल की दूरी लगभग 80 किमी है। सारणी से बोड़ी सड़क मार्ग करीब 15.20 साल पुराना है और बेहद जर्जर हो चुका है। सबसे बड़ी समस्या इस मार्ग पर स्थित जानलेवा घाट और खतरनाक मोड़ हैं। दुर्गम रास्ता होने के कारण आज तक कोई बस संचालक इस मार्ग पर बस चलाने को तैयार नहीं हुआ। खड़ी चढ़ाई के कारण इस मार्ग पर अकसर चलने वाली ट्रैक्टर ट्राली दुर्घटना ग्रस्त हो जाते है।

इधर एक दर्जन से अधिक गांवों के मजदूरों और गरीबों के पास निजी वाहन नहीं हैं। एक व्यक्ति को आमला से सारनी आने - जाने में निजी वाहनों या टैक्सियों को करीब 300 देने पड़ते हैं। यदि परिवार के 5 सदस्य हों, तो यह खर्च 1500 रुपए तक पहुंच जाता है। नया मार्ग सारणी से आवरिया से आमला होकर बनने से यह दूरी घटकर मात्र 20 किमी रह जाएगी और बसें चलने से किराया भी कम होगा। अपनी विधानसभा क्षेत्र से सैकड़ों लोगों के बैतूल जिला मुख्यालय पहुंचने के बाद आमला - सारणी के विधायक डॉ योगेश पण्डागरे दौड़े - दौड़े मुख्यालय पहुंचे और ग्रामिणों से चर्चा की। 16 दिन बाद अचानक विधायक अपने संग अधिकारियों एवं कर्मचारियों के संग आसपास के एक दर्जन गांव के महिला - पुरूष के संग निकल पड़े पक्की सड़क बनवाने के लिए संभावनाओं को तलाशने।

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विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे ने 8 किलोमीटर का दुर्गम सफर पैदल तय किया। पहाड़ियो, खाइयों और नदियों को पार करते हुए यह पर्वतारोहण जैसा सर्वे रात होने तक जारी रहा, ताकि बेलुंड तक के हर पत्थर और मोड़ की वास्तविकता समझी जा सके। लोक निर्माण विभाग को जल्द से जल्द फिजिबिलिटी रिपोर्ट देगी। एसडीएम शैलेंद्र बडोनिया लोक निमार्ण, राजस्व विभाग, वन विभाग तथा अन्य विभाग के अधिकारी/कर्मचारी जंगल पद सफारी करने को मजबूर थे। हालांकि अभी मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव को 3 साल बाकी है लेकिन दो बार के विधायक को जनता जर्नादन से आखिर पांव - पांव वाला डॉक्टर बना दिया।


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Content Writer

meena

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