गरीबी को हराकर मजदूर की बेटी बनी डॉक्टर! बुरहानपुर की रुचिका ने MBBS में टॉप कर रचा इतिहास
Saturday, May 09, 2026-12:53 PM (IST)
बुरहानपुर (राजू सिंह) : कहते है प्रतिभा हालातों की मोहताज नहीं होती। कुछ ऐसा ही कर दिखाया मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के गांव की बेटी ने। जहां बेहद गरीबी में पली बढ़ी गांव बहादरपुर की बेटी डॉ. रुचिका राजेश पवार ने यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के सामने गरीबी और अभाव भी छोटे पड़ जाते हैं।

सूत मील मजदूर परिवार से आने वाली रुचिका ने कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई कर MBBS परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की है। उनकी इस शानदार सफलता से न केवल परिवार बल्कि पूरा गांव और जिला गौरवान्वित महसूस कर रहा है। रुचिका बचपन से ही पढ़ाई में होनहार थीं। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के बावजूद उन्होंने कभी अपने सपनों को टूटने नहीं दिया। सीमित संसाधनों के बीच लगातार मेहनत और संघर्ष करते हुए उन्होंने डॉक्टर बनने का लक्ष्य हासिल कर लिया।

रुचिका के पिता राजेश पवार ने बताया कि वे सूत मील में मजदूरी करते थे और हमेशा चाहते थे कि उनकी बेटी डॉक्टर बने। आर्थिक तंगी के कारण कई बार मुश्किलें आईं, लेकिन बेटी की मेहनत और लगन देखकर परिवार ने कभी उसका हौसला टूटने नहीं दिया। आज जब रुचिका डॉक्टर बन गई हैं तो पूरे परिवार की वर्षों की मेहनत सफल हो गई।
रुचिका की मां ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आज उनकी तीनों बेटियां बड़े पदों पर पहुंच चुकी हैं। पहली बेटी जिला शिक्षा अधिकारी, दूसरी पटवारी और अब तीसरी बेटी डॉक्टर बन गई है। उन्होंने कहा कि यह उनके परिवार के लिए गर्व और खुशी का सबसे बड़ा पल है।

डॉ. रुचिका ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और समाज को दिया। उन्होंने कहा कि यदि बेटियों को सही शिक्षा, परिवार का सहयोग और आगे बढ़ने का अवसर मिले तो वे हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकती हैं। उन्होंने समाज से अपील करते हुए कहा कि बेटियों को बोझ नहीं बल्कि शक्ति समझें और उन्हें पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करें। रुचिका की सफलता आज उन हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई है, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखती हैं।

