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ओला-पाला प्रभावित किसानों के लिए बड़ी खबर, CM मोहन ने कर दी बड़ी घोषणा

Tuesday, Feb 03, 2026-09:16 PM (IST)

भोपाल : मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में जहां-जहां ओला-पाला से फसलें प्रभावित हुई हैं, वहां के कलेक्टर सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराएं। किसानों के हित सुनिश्चित करने और उनकी आय दोगुना करने के उद्देश्य से वर्ष-2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि कृषक कल्याण कृषि वर्ष के अंतर्गत मालवा, निमाड़, चंबल और विंध्य अंचलों में कृषि कैबिनेट का आयोजन किया जाएगा। किसानों को कृषि के साथ-साथ उद्यानिकी, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन जैसी गतिविधियां अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। हाल ही में प्रदेश में पहली बार राज्य स्तरीय पुष्प महोत्सव आयोजित किया गया है और पुष्प उत्पादन के साथ देश-विदेश में फूलों की बेहतर मार्केटिंग व्यवस्था को बढ़ावा दिया जाएगा। नरवाई प्रबंधन और पराली जलाने पर नियंत्रण के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भावांतर योजना में सरसों सहित अन्य तिलहन फसलों को शामिल करने पर विचार कर रही है। साथ ही मूंग के स्थान पर उड़द को प्रोत्साहित करने के लिए नीति तैयार की जा रही है, जिसके लिए किसानों को जागरूक करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को कैबिनेट की बैठक से पहले मंत्रि-परिषद सदस्यों को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय एमपी यूथ गेम्स-2026 के भव्य आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रतिष्ठित आयोजनों में देशज खेलों को भी शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि रीवा मेडिकल कॉलेज में 750 बेड की क्षमता वृद्धि की गई है और प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। उन्होंने पशुपतिनाथ लोक में विकसित की गई सुविधाओं और प्रतिमा के क्षरण को रोकने के लिए किए गए उपायों को अनुकरणीय बताया।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि मंदसौर के मल्हारगढ़ में आयोजित अन्नदाता सम्मान समारोह में भावांतर योजना के तहत सोयाबीन उत्पादक एक लाख 17 हजार किसानों के खातों में 200 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रस्तुत केंद्रीय बजट विकसित भारत के संकल्पों की सिद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने मंत्रि-परिषद सदस्यों को अपने-अपने क्षेत्रों में केंद्रीय बजट की विशेषताओं से आमजन को अवगत कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कच्छ में आयोजित रण उत्सव की ईको-सेंसिटिव टेंट सिटी व्यवस्था और रोजगार सृजन के नवाचारों की सराहना करते हुए गिर राष्ट्रीय उद्यान में सफारी और रेस्क्यू सेंटर के प्रयोगों से प्रेरणा लेकर प्रदेश में ऐसे प्रयास करने की आवश्यकता बताई।


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Content Writer

meena

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