MP में जल्द होगी राजनीतिक नियुक्तियां! गोपाल भार्गव, राम निवास रावत, इमरती देवी समेत दर्जनों नेताओं के नाम शामिल!
Saturday, Apr 18, 2026-08:49 PM (IST)
भोपाल : मध्य प्रदेश में निगम मंडलों और विभिन्न आयोगों की नियुक्तियों को लेकर हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, संभावित नामों की सूची लगभग तैयार हो चुकी है और कुछ निगम-मंडलों में जल्द नियुक्तियां की जा सकती हैं। फाइनल लिस्ट दिल्ली भेजी गई और सूत्रों की मानें तो वहां से हरी झंडी भी मिल चुकी है। इसमें पूर्व मंत्रियों, विधायकों, कांग्रेस से आए नेताओं और मौजूदा विधायकों के संभावित नाम सामने आ सकते हैं। आने वाले कुछ दिनों में सूची जारी की जा सकती है।
नए पुराने चेहरों को एडजस्ट करने की कोशिश
सूत्रों की मानें तो दिल्ली भेजी गई सूची में कई बड़े चेहरे शामिल हैं, जिनमें पूर्व मंत्रियों, कांग्रेस से आए नेताओं और विधायकों समेत कई नए नाम शामिल होने की संभावना है। जिसमें मुख्य रूप से बड़े नेताओँ के नाम कुछ इस प्रकार से हैं- पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया, पूर्व मंत्री रामनिवास रावत, पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता, पूर्व मंत्री कमल पटेल, पूर्व मंत्री रामपाल सिंह, अचल सोनकर, पूर्व मंत्री इमरती देवी और पूर्व विधायक ध्रुव नारायण सिंह। इसके अलावा सिंधिया खेसे से पूर्व मंत्री इमरती देवी को मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है। वहीं मौजूदा विधायकों को भी संगठन में जगह मिल सकती है जिनमें मुख्य रूप से विधायक अभिलाष पांडे, आशीष शर्मा, अजय विश्नोई, विधायक शैलेंद्र जैन और विधायक प्रदीप लारिया का नाम सामने आ रहा है। इसके अलावा गोपाल भार्गव जैसे बड़े चेहरों को भी मौका मिलेगा। कैलाश जाटव, भगत सिंह नेताम, प्रवीण शर्मा, विनोद गोटिया, संजय नगाइच, शंशाक श्रीवास्तव, अखिलेष अयाची और दीपक सक्सेना जैसे नाम भी संभावित चेहरे लिस्ट में शामिल किए गए हैं। फिलहाल सबकी नजरे सूची पर टिकी है।
कब जारी होगी सूची
14 अप्रैल को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित भाजपा कोर कमेटी की बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी। बैठक में नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि नगरीय निकाय और आगामी विधानसभा चुनावों में अब अधिक समय नहीं बचा है ऐसे में कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं को लंबे समय तक प्रतीक्षा में रखना उचित नहीं होगा। ऐसे में कहा जा सकता है कि अप्रैल के आखिर या मई के पहले हफ्ते संभावित सूची जारी हो सकती है। इससे पहले एल्डरमैनों की घोषणा भी हो सकती है जिसमें कहा जा रहा है कि 15 सौ से ज्यादा कार्यकर्ताओं को जिम्मेवारी सौंपी जाने वाली है। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि आने वाले दिनों में इन नियुक्तियों का सीधा असर स्थानीय राजनीति और चुनावी समीकरणों पर देखने को मिल सकता है।

