चर्चा में आए MP के ये IAS अधिकारी! जनता हो गई फैन...नाम सुनते ही अधिकारी–कर्मचारी हो जाते हैं सतर्क
Saturday, May 09, 2026-11:33 PM (IST)
भोपाल : मध्य प्रदेश के एक IAS अफसर इन दिनों प्रदेश भर में सुर्खियां बटोर रहे हैं। उनकी खासियत यह कि पोस्टिंग के कुछ दिन बाद ही जनता उनके कामों से बेहद खुश नजर आ रही है, लेकिन उनके अंडर काम करने वाले अधिकारी-कर्मचारी परेशान हो गए हैं। इतना ही नहीं नए नवेले अधिकारी को हटाने की मांग भी उठने लगी है। हालांकि अभी मामला फिलहाल शांत है, लेकिन आने वाले समय में पता चलेगा कि अधिकारी कर्मचारी कलेक्टर साहब से कितना खुश रह पाते हैं। हम बात कर रहे हैं 2012 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी की, जो 10 अप्रैल 2026 से रीवा जिले के कलेक्टर के रूप में कार्यरत हैं। वे राज्य नागरिक सेवा से आईएएस में आए हैं और जनहितैषी कार्यशैली व औचक निरीक्षणों के लिए पहचाने जाते हैं, इससे पहले वे रतलाम व बैतूल सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रशासनिक पदों पर सेवाएं दे चुके हैं।

ज्वाइनिंग के दिन ही बस में किया सफर
नरेंद्र कुमार ने ज्वाइनिंग के पहले ही दिन कलेक्टर कार्यालय जाने के बजाय अधिकारियों के साथ बस में सवार होकर रीवा के अंतिम छोर पर स्थित ग्रामीण अंचल पहुंचकर सबको चौंका दिया था। वहां उन्होंने जनता को मिलने वाली शासन की योजना के बारे में जानकारी जुटाई थी और सीधा संवाद भी किया था।
पोस्टिंग के दूसरे ही दिन गेट पर किया कर्मचारियों का स्वागत
नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी कार्यभार संभालने के अगले ही दिन कलेक्टर साहब अपने कार्यालय के गेट पर खड़े होकर अफसरों और कर्मचारियों का इंतजार करने लगे। उन्होंने कार्यालय में देरी से आने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को गेट पर ही रोककर कतारबद्ध कर दिया और देर से आने वालों को कड़े शब्दों में फटकार लगाई। कलेक्टर सूर्यवंशी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आगे से किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की उपस्थिति में लापरवाही पाई गई, तो उसके खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
काम नहीं कर सकते तो कुर्सी छोड़ दीजिए...कलेक्टर ने सरेआम तहसीलदार की लगा दी क्लास
इसके बाद जनसुनवाई में उनका रौद्र रूप देखने को मिला। जहां उन्होंने तहसीलदार को सबके सामने क्लास लगा दी। दरअसल, 6 मई को कलेक्ट्रेट कार्यालय में जन सुनवाई के दौरान एक गांव में पानी की समस्या और सरकारी हैंडपंप पर कब्जा किए जाने की शिकायत लेकर फरियादी पहुंचा था। इस पर कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि यदि अधिकारी सरकारी संपत्ति की रक्षा और जनता की समस्याओं का समाधान नहीं कर सकते, तो उन्हें अपनी कुर्सी छोड़ देनी चाहिए। कलेक्टर के तेवर देखकर जनसुनवाई में मौजूद लोगों के बीच भी प्रशासनिक सख्ती की चर्चा होने लगी।
विरोध में उतरे अधिकारी-कर्मचारी, कमिश्नर के पास पहुंचे
कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी की बढ़ती सख्ती से जिले के जनपद पंचायत एवं ग्रामीण विकास के कर्मचारी और अधिकारी खुलकर विरोध पर उतर आए। इसको लेकर कर्मचारियों ने कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर अपना विरोध जताते हुए, कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा। इसके बावजूद कलेक्टर ने साफ कर दिया है कि जो शासन से जुड़ी योजनाएं है, और जो लोगों का काम है उसे कर्मचारियों को करना पड़ेगा, नहीं तो ऐसे कर्मचारियों पर कार्यवाही की जाएगी। हालांकि 3 दिन चले इस विवाद का एक बैठक के साथ पटाक्षेप हुआ। रीवा के कर्मचारी और कलेक्टर के बीच शनिवार को कलेक्ट्रेट में एक बैठक हुई। कर्मचारियों का कहना है कि आपस में कुछ बातों को लेकर कंफ्यूजन हो गया था। अब ऐसा कुछ भी नहीं है। हम सब कलेक्टर साहब के मार्गदर्शन में फिर से काम पर लौट रहे हैं।
सादगी के कायल हुए लोग
रीवा कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी की सादगी के लोग कायल हो गए हैं। दरअसल, शुक्रवार की देर शाम वे अचानक सकरवट गांव पहुंचे। जहां कोई वीआईपी तामझाम नहीं, कोई ऊंचा मंच नहीं, कलेक्टर सीधे जमीन पर ग्रामीणों के बीच बैठ गए। जहां उन्होंने ग्राम चौपाल लगाई, तथा जमीन में बैठकर ग्रामवासियों की समस्याएं सुनीं। ग्रामवासियों ने भी बड़े ही आदर भाव से, कलेक्टर को एक-एक कर गांव की समस्याएं बताईं। जिनका कलेक्टर ने समाधान कर निराकरण करने का आश्वासन दिया।
मुस्लिम पक्ष भी कलेक्टर से प्रभावित
इतना ही नहीं नवागत कलेक्टर से मुस्लिम पक्ष भी बेहद प्रभावित हैं। यही वजह रही कि वर्षों पुराने रीवा कब्रिस्तान की जमीन को बचाने, मुस्लिम समाज के आवाम फाउंडेशन के लोगों ने पहल की। शुक्रवार को काफी संख्या में इकट्ठा होकर लोग कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने बहुत ही शांतिपूर्ण और सौहाद्र तरीके से हाथों में फूल लेकर पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर से मिले और अपनी समस्या से अवगत कराया। कलेक्टर ने मुस्लिम समाज द्वारा भेंट स्वरूप दिए गए फूलों को स्वीकार करते हुए, मामले की जांच कराकर निराकरण किए जाने का आश्वासन दिया है।
कलेक्टर से जनता खुश, बोले- नई आशा जागी है
कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि एक तरफ जहां नवागत कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के काम को लेकर जहां जनता खुश नजर आ रही है, वहीं कलेक्टर की सख्ती से कर्मचारी नाराज नजर आ रहे हैं। जब से नए कलेक्टर ने रीवा में दस्तक दी है, उसी दिन से काम न करने वाले कर्मचारियों को कुछ भी अच्छा नहीं लग रहा। इन 20 दिनों में पहले तो कलेक्टर रीवा ने दूर दराज के इलाके का भ्रमण किया, फिर पहुंच गए सुबह सवेरे ऑफिस। जहां समय पर चंद कर्मचारियों को छोड़कर कोई भी कर्मचारी नजर नहीं आया। कर्मचारियों की पहली क्लास वहां पर लगी, फिर दौर शुरू हुआ जनसुनवाई का, कलेक्टर जनसुनवाई करने लगे दूसरे हफ्ते में ही लंबी-लंबी लाइन नजर आई, जो यह बता रही थी, रीवा में कर्मचारी किस तरीके से कम कर रहे हैं।




