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एक ही मंच पर दूर-दूर बैठे सिंधिया और केपी यादव, बातचीत तो दूर, दुआ सलाम तक नहीं हुई

Thursday, Dec 17, 2020-02:39 PM (IST)

ग्वालियर(अंकुर जैन): किसी समय एक दूसरे के बेहद करीबी रहे केपी यादव और राज्यसभा सासंद ज्योतिरादित्य सिंधिया में चल रहे मनमुटाव से हर कोई वाकिफ है। सिंधिया बीजेपी में शामिल हुए तो लगा कि अब तो एक ही पार्टी के नेता होने के नाते सब कुछ ठीक हो जाएगा। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। इसका उदाहरण ग्वालियर में किसान सम्मेलन में देखने को मिला जहां सिंधिया और केपी यादव एक ही मंच पर बैठे रहे, लेकिन दोनों के बीच बातचीत तो दूर, दुआ-सलाम तक नहीं हुई। सम्मेलन में सिंधिया मुख्य वक्ताओं में शामिल थे। वे मंच पर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ बैठे जबकि यादव को उनसे 6 सीट दूर बैठने की जगह मिली।

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आपको बता दें दूरियों और मनमुटाव का यह सिलसिला 2019 से शुरु हुआ था जब सिंधिया के बेहद करीबी रहे उनके फालोवर केपी यादव ने लोकसभा चुनाव के दौरान गुना सीट सिंधिया को पटखनी दी थी। केपी यादव भाजपा और सिंधिया ने कांग्रेस से चुनाव लड़ा था। लेकिन 2020 में सिंधिया ने बीजेपी ज्वॉइन कर ली। इसके बाद यह पहला मौका था जब दोनों एक साथ एक ही मंच पर थे, लेकिन दोनों में दूरियां जस की तस बनी है।

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बुधवार को हर एक की नजर सिंधिया और केपी यादव की मुलाकात पर टिकी हुई थी लेकिन बुधवार को सिंधिया के आने से पहले ही यादव अपनी जगह ले चुके थे। सिंधिया जब तोमर के साथ आए तो मंच पर मौजूद सभी लोगों ने उनका अभिवादन किया, लेकिन यादव ने कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी।

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इतना ही नहीं, जब सिंधिया और तोमर को मंच पर माला पहनाने की बारी आई तो यादव इससे भी दूर ही रहे। वही इससे पहले यादव का पोस्टर भी चर्चा में रहा जिसमें उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम शिवराज सिंह चौहान सहित बीजेपी के शीर्ष नेताओं की तस्वीरें लगी थीं, लेकिन सिंधिया की तस्वीर गायब थी।


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meena

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