Identity Card दिखाओ और पेट्रोल- डीजल ले जाओ...प्रशासन ने SOP में किया बड़ा बदलाव
Tuesday, Mar 31, 2026-02:11 PM (IST)
भोपाल : पेट्रोल डीजल की किल्लत की खबरों के बीच मध्य प्रदेश प्रशासन द्वारा पेट्रोल और डीजल की बिक्री को लेकर जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) में अहम बदलाव किए गए हैं। नए निर्देशों के तहत अब कृषि कार्य, आपातकालीन सेवाओं, अस्पतालों, सरकारी कार्यालयों और बैंकों को जनरेटर चलाने के लिए केन में डीजल लेने की अनुमति दी गई है। इस नई व्यवस्था से जहां लोगों को काफी राहत मिलेगी,वहीं पेट्रोल डीजल की कालाबाजारी पर भी रोक लगेगी।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह अनुमति केवल जरूरी सेवाओं के लिए ही लागू होगी। साथ ही डीजल लेने के लिए संबंधित व्यक्ति या संस्था को पेट्रोल पंप पर वैध पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा पारदर्शिता बढ़ाने के लिए पेट्रोल पंप संचालकों पर निगरानी भी कड़ी की गई है। अब सभी पेट्रोल पंपों को अपने परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों का कम से कम 48 घंटे का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना होगा। यदि प्रशासन या संबंधित विभाग मांग करता है, तो यह फुटेज उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
दरअसल, हाल ही में पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने कलेक्टर से SOP को लेकर स्पष्टीकरण मांगा था। एसोसिएशन का कहना था कि केन में पेट्रोलियम उत्पाद देने पर रोक के प्रावधान से किसानों और आवश्यक सेवाओं पर असर पड़ सकता है। इसके बाद प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए जरूरी सेवाओं और कृषि कार्य के लिए केन में डीजल देने की अनुमति दे दी।
प्रशासन ने यह भी कहा है कि जिन संस्थानों को जनरेटर के लिए डीजल की आवश्यकता है, वे अधिकृत व्यक्ति के माध्यम से पहचान पत्र दिखाकर पेट्रोल पंप से डीजल प्राप्त कर सकते हैं। इससे जरूरी सेवाओं का संचालन प्रभावित नहीं होगा और बिजली बैकअप की व्यवस्था भी सुचारू रूप से चलती रहेगी।
इस नई व्यवस्था का उद्देश्य पेट्रोल-डीजल की बिक्री में पारदर्शिता बनाए रखना और कालाबाजारी या अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण रखना है। इसके अलावा नई व्यवस्था से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। राज्य में इन दिनों रबी फसलों की कटाई और थ्रेशिंग का काम चल रहा है। किसानों की हार्वेस्टर और अन्य कृषि मशीनों के लिए पेट्रोल की जरूरत पड़ती है ऐसे में प्रशासन द्वारा एसओपी में संशोधन का उन्हें पर्याप्त फायदा मिलेगा।

