अपनी औक़ात में रहो! सिंघार ने अडानी पर ऐसा क्या कह दिया, कि भड़क उठे कैलाश…सदन का माहौल गरमाया
Thursday, Feb 19, 2026-05:38 PM (IST)
भोपाल : मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। बहस के दौरान अडानी का नाम लिए जाने पर विवाद की स्थिति बन गई और संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और उमंग सिंघार आमने-सामने आ गए। विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष को “औकात में रहने” की टिप्पणी की, जिस पर सिंघार ने भी पलटवार करते हुए समान शब्दों में जवाब दिया और सीएम की मौजदूगी में जुबान संभाल कर बात करने की नसीहत दे डाली। विवाद की स्थिति बनते देख कुछ मिनटों के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
सदन में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बड़े-बड़े सपने दिखाए, लेकिन सरकार कई मामलों में ज़मीनी हक़ीक़त से दूर दिखाई दे रही है। सरकार दूरगामी निर्णय लेने का दावा करती है, परंतु प्रदेश को उसका वास्तविक लाभ क्या मिला, यह स्पष्ट नहीं है। सिंघार ने सवाल उठाया कि घोषणाओं और दावों के बीच जनता को ठोस परिणाम क्यों नहीं मिल पा रहे हैं।
किसान, युवा और आरक्षण के मुद्दे उठाए
नेता प्रतिपक्ष ने किसानों की स्थिति को लेकर सरकार को घेरा। उनका कहना था कि किसानों को मज़बूत करने की बात तो की जाती है, लेकिन उनकी किसान निधि में कटौती की जा रही है और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ भी पूर्ण रूप से नहीं मिल पा रहा। युवाओं के रोजगार को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि वित्त मंत्री ने यह कहा है कि अब युवाओं को पक्की नौकरी नहीं दी जाएगी, बल्कि संविदा पर नियुक्तियां होंगी।
इसके साथ ही ओबीसी आरक्षण के 13 प्रतिशत पर लगी रोक हटाने में देरी और दिव्यांग युवाओं को आरक्षण का लाभ न मिल पाने का मुद्दा भी उन्होंने उठाया। सिंघार ने कहा कि कई योग्य दिव्यांग उम्मीदवारों की जगह अन्य लोग नियुक्त हो रहे हैं, जो सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत है।
शिक्षा, बिजली और उद्योग को लेकर सवाल
सिंघार ने आरोप लगाया कि 369 सांदीपनी स्कूलों के अलावा नए स्कूल नहीं खोले गए। उन्होंने सरकार पर कर्ज बढ़ाने का भी आरोप लगाया और कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई का हिसाब सरकार को देना होगा। बिजली दरों को लेकर उन्होंने कहा कि आम उपभोक्ता 8-9 रुपये प्रति यूनिट की दर से परेशान हैं।
‘औकात’ टिप्पणी पर बढ़ा टकराव, सदन स्थगित
नेता प्रतिपक्ष ने सिंगरौली की जमीन उद्योगपति समूह Adani Group को दिए जाने का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। इस पर सदन में सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। बहस के दौरान संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और उमंग सिंघार आमने-सामने आ गए। विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष को “औकात में रहने” की टिप्पणी की, जिस पर सिंघार ने भी पलटवार करते हुए समान शब्दों में जवाब दिया। अडानी का नाम लिए जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच हंगामा बढ़ गया। मुख्यमंत्री भी उस समय सदन में मौजूद थे। स्थिति इतनी तीखी हो गई कि कुछ मिनटों के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। यह पूरा घटनाक्रम विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राजनीतिक तापमान को दर्शाता है, जहां आरोप-प्रत्यारोप और तीखे संवाद ने माहौल को गरमा दिया।

