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हिला देने वाले ग्वालियर हादसे का सच आया सामने, ट्रक चालक ने कांपते हुए बताई हकीकत

Sunday, Oct 18, 2026-09:10 PM (IST)

ग्वालियर : मध्यप्रदेश के ग्वालियर में शनिवार देर रात 'गूगल मैप' पर शॉर्टकट तलाशने के दौरान ट्रक चालक प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंच गया, जहां उसने शीतला माता मंदिर के बाहर जमा हुए श्रद्धालुओं को कुचल दिया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई और 25 से अधिक लोग घायल हो गए।

एक अधिकारी ने बताया कि ट्रक चला रहा दिल्ली निवासी बिलबाग सिंह जीपीएस की मदद से रास्ता तलाश रहा था कि तभी धान से लदा उसका ट्रक 125 साल पुराने शीतला माता मंदिर के पास प्रतिबंधित मार्ग पर पहुंच गया और यह हादसा हो गया। उन्होंने बताया कि 40 वर्षीय चालक हादसे के बाद मौके से फरार हो गया था हालांकि पुलिस ने कुछ घंटे बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। वह सदमे की हालत में मंदिर के पास छिपा हुआ था।

अधिकारी ने बताया, "चालक डर के मारे कांप रहा था और उसे यह भी याद नहीं आ रहा कि वह माल कहां लेकर जा रहा था। शुरुआती जांच में हादसे की वजह ब्रेक फेल होना या समय पर ब्रेक नहीं लगाना प्रतीत होती है।" पुलिस के मुताबिक, पंजाब में पंजीकृत भारी वाहन शनिवार देर रात करीब डेढ़ बजे चिनोर रोड पर प्रतिबंधित मार्ग में दाखिल हुआ। ट्रक श्रद्धालुओं को कुचलते हुए सड़क किनारे की दुकानों को क्षतिग्रस्त करने के बाद मंदिर के प्रवेश द्वार से जा टकराया। टक्कर से मंदिर की दीवार का एक हिस्सा ढह गया और कई लोग मलबे में दब गए। हादसे की जांच कर रहे एक अन्य अधिकारी ने ट्रक के ब्रेक फेल होने की आशंका जताई। उन्होंने बताया कि वाहन को नियंत्रित करने की कोशिश में चालक ने ट्रक बाईं ओर मोड़ दिया होगा।

अधिकारी के मुताबिक, अगर ट्रक सीधे आगे बढ़ता तो उसकी चपेट में 600 से 700 श्रद्धालु आ सकते थे। ग्वालियर शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित इस मंदिर में नवरात्र के दौरान हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। भीड़ और जाम से बचने के लिए मंदिर के एक किलोमीटर के दायरे में वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित है।

जिलाधिकारी रुचिका चौहान ने बताया कि ट्रक तेज रफ्तार में पुलिस के अवरोधक तोड़ते हुए आगे बढ़ा और वाहन को रोकने की कोशिश में दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं और ग्वालियर के नगर पुलिस अधीक्षक को हटाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने गंभीर लापरवाही के आरोप में तीन थाना प्रभारियों, एक यातायात निरीक्षक, एक प्रधान आरक्षक और तीन आरक्षकों को निलंबित करने के भी आदेश दिए हैं।

जिलाधिकारी ने भी मजिस्ट्रेट जांच के आदेश देते हुए अपर जिलाधिकारी सीबी प्रसाद को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। उन्हें सात दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। जांच में हादसे के कारणों, ट्रक के घटनास्थल तक पहुंचने की परिस्थितियों, संभावित लापरवाही और जिम्मेदार लोगों का पता लगाया जाएगा। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपाय भी सुझाए जाएंगे। 


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Content Writer

meena

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