Punjab Kesari MP ads

नो-एंट्री'' जोन से "तूफान की तरह" आया और कुछ ही सेकंड में मच गई चीख पुकार...चश्मदीदों ने रो-रोकर बताया ट्रक हादसे का हाल

Sunday, Oct 18, 2026-03:12 PM (IST)

ग्वालियर: रविवार तड़के, मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर की ओर ढलान से एक तेज रफ्तार ट्रक नीचे आ गया। इसने देवी के दर्शन का इंतजार कर रहे भक्तों को कुचल दिया और भारी तबाही मचा दी। रात की शांति चीखों से गूंज उठी। चश्मदीदों ने बताया कि पंजाब नंबर वाला यह ट्रक मंदिर के पास 'नो-एंट्री' जोन से "तूफान की तरह" आया, जिससे कुछ ही सेकंड में अफरा-तफरी मच गई। यह हादसा रविवार तड़के करीब 1.30 बजे चिनौर रोड पर शीतला माता मंदिर के पास एक ढलान पर हुआ। इसमें 14 लोगों की मौत हो गई और 28 लोग घायल हो गए। ट्रक कई भक्तों और सड़क किनारे की दुकानों को कुचलता हुआ मंदिर के प्रवेश द्वार से टकराया, जिससे एक दीवार भी गिर गई।

जिला मुख्यालय से लगभग 20 किमी दूर स्थित यह 125 साल पुराना मंदिर नवरात्रि के दौरान लाखों भक्तों को आकर्षित करता है, जिनमें से कई लोग नंगे पैर प्रार्थना करने आते हैं। तबाही का मंजर देखकर चश्मदीद हैरान हैं कि एक भारी कमर्शियल वाहन भीड़भाड़ वाले मंदिर तक कैसे पहुंच गया। त्योहार के दौरान यहां वाहनों की आवाजाही पर सख्त पाबंदी होती है और भीड़ को रोकने के लिए लगभग एक किलोमीटर दूर पार्किंग की व्यवस्था की गई है।

वीडियो

घटनास्थल के पास मौजूद सौरभ नाम के एक भक्त ने उस खौफनाक मंजर को याद करते हुए बताया कि इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, ट्रक ढलान से नीचे आ गया। उन्होंने कहा, "मंदिर के पास की सड़क ढलान पर है, और ट्रक तेजी से नीचे आया। किसी को समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ है। जब लोगों की चीखें सुनाई दीं, तब हमें एहसास हुआ कि हादसा कितना भयानक है।" सौरभ तो किसी तरह आगे निकल गए, लेकिन उनके भाई वहीं फंस गए। उन्होंने बताया कि ट्रक के नीचे फंसे कई अन्य लोग खुद को बाहर निकालने के लिए संघर्ष कर रहे थे, जिनमें से कुछ लोग बाहर निकलने में कामयाब भी रहे।

धान से लदे ट्रक को वहां से हटाने की कोशिशों के दौरान यह पूरा घटनाक्रम काफी देर तक चलता रहा। सौरभ ने बताया कि पलटे हुए वाहन को उठाने के लिए तड़के करीब 4 बजे पांच क्रेनें लगाई गईं। उन्होंने कहा कि उसी समय पुलिस भी मौके पर पहुंच गई, जिसने मृतकों और घायलों को नजदीकी अस्पतालों तक पहुंचाने में मदद की। हालांकि, कुछ परिवारों के लिए बचाव अभियान खत्म होने के बाद भी यह बुरा सपना खत्म नहीं हुआ।

किरण, जिन्होंने अपने 19 वर्षीय बेटे को खो दिया, ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद भी उनका बेटा सांस ले रहा था, लेकिन पुलिस ने उसे किसी निजी अस्पताल ले जाने में देरी की। इसके बाद उसे सरकारी अस्पताल ले जाने में भी देरी हुई, जिसकी वजह से अंततः उसकी जान चली गई।

मंदिर के पास पूजा-सामग्री की दुकान चलाने वाले गजेंद्र प्रजापति ने बताया कि टक्कर इतनी अचानक और जोरदार थी कि आसपास का पूरा इलाका घने धुएं और धूल से भर गया। इस हादसे से नाराज चश्मदीदों ने मांग की कि इस बात की गहन जांच हो कि वाहनों की आवाजाही पर पाबंदी होने के बावजूद ट्रक मंदिर परिसर तक कैसे पहुंच गया। उन्होंने सुरक्षा में हुई इस चूक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

घटनाक्रम के बारे में बताते हुए ग्वालियर की कलेक्टर रुचिका चौहान ने कहा कि ट्रक पुलिस की बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए तेज रफ्तार से मंदिर परिसर की ओर आ गया था। उन्होंने बताया कि वाहन को रोकने की कोशिश में दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। साथ ही, उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) को ट्रक की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को 2-2 लाख रुपये और मामूली रूप से घायल लोगों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

meena

Related News