MP में खत्म हो गया दलबदल का मुद्दा ! अब बिकाऊ टिकाऊ की राजनीति नहीं करेगी कांग्रेस

11/27/2020 5:32:32 PM

भोपाल(हेमंत चतुर्वेदी): मध्यप्रदेश में उपचुनाव में करारी हार के बाद अब कांग्रेस अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करने जा रही है। विधानसभा उपचुनाव के बाद अब प्रदेश में सियासी दलों की अगली परीक्षा नगरीय निकाय चुनाव है। कांग्रेस ने यह तय किया है, कि वह जिस मुद्दे को लेकर उपचुनाव में जनता के बीच गई थी, अब वह उसे आगे भुनाने की कोशिश नहीं करेगी, क्योंकि गौरतलब है कि संबंधित चुनाव में जनता ने कांग्रेस के इस मुद्दे को नकार दिया था। जाहिर सी बात है, इसे आगे लेकर जाना कहीं न कहीं उसके लिए घाटे का सौदा साबित हो सकता है। इसलिए कमलनाथ की अगुवाई में कांग्रेस के थिंक टैंक ने यह फैसला लिया है, कि अब वह प्रदेश की सियासत में बिकाऊ और टिकाऊ जैसे शब्दों का उपयोग नहीं करेंगे, इसके साथ ही यह तय माना जा रहा है, कि प्रदेश में दलबदल का मुद्दा भी एक तरह से खत्म हो गया है। 

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क्या होंगे कांग्रेस के मुद्दे ?
कांग्रेस के मुताबिक, निकाय चुनाव के लिए उसने अपने मुद्दे तय कर लिए हैं। जिनमें किसानों की समस्या, अतिथि और संविदा कर्मियों का नियमितिकरण एवं आम जनता को के लिए सस्ती बिजली जैसे मुद्दे अहम हैं। इसके अलावा अलग अलग क्षेत्र के हिसाब से भी कांग्रेस अपने मुद्दे तय करेगी। आने वाले विधानसभा में भी कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश करती नजर आएगी। कुल मिलाकर कांग्रेस सिर्फ जनता से जुड़े मुद्दे उठाकर शिवराज सरकार को घेरने की कोशिश में है, जिसमें वह कितनी सफल होती है, यह देखना दिलचस्प होगा। 

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सकारात्मक रहेगा विपक्ष का रुख
उपचुनाव के परिणाम के बाद पीसीसी चीफ और पूर्व सीएम कमलनाथ ने सीएम शिवराज सिंह से मिलकर उन्हें यह भरोसा दिलाया था, कि सरकार के प्रति कांग्रेस का रुख पूरी तरह सकारात्मक रहेगा और वह हर मुद्दे पर सरकार के साथ खड़े नजर आएंगे। कांग्रेस के मुताबिक, वह इसी लाइन पर आगे बढ़ेगी और जनता के बीच यह संदेश देने की कोशिश करेगी, कि वह प्रदेश के हित के लिए प्रतिबद्ध है, फिर चाहे इसके लिए उसे सरकार के साथ कदमताल ही क्यों न करना पड़े।


meena

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