देश का एकमात्र मंदिर...जहां पूजा करने और कुंड में स्नान से ‘गो-हत्या’ जैसे महापाप से मिली है मुक्ति!

Saturday, Nov 29, 2025-05:56 PM (IST)

धमधा (हेमंत पाल) : छत्तीसगढ़ में धमधा जिले के पास स्थित बानबरद का प्राचीन विष्णु मंदिर आज भी अपनी अनोखी धार्मिक मान्यता और पौराणिक इतिहास के कारण देशभर के श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। यहां लोगों का विश्वास है कि गो-हत्या जैसे महापाप से मुक्ति पाने का उपाय इसी पवित्र स्थल पर मिलता है। यही कारण है कि यह मंदिर देश का एकमात्र ऐसा स्थान माना जाता है, जहां विशेष विधि-विधान के साथ पूजा करने से व्यक्ति इस अत्यंत गंभीर पाप से मुक्त हो सकता है।

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क्यों प्रसिद्ध है यह मंदिर?

एक अनोखी मान्यता जो देश में कहीं और नहीं...बानबरद विष्णु मंदिर की सबसे बड़ी विशिष्टता इसकी यह मान्यता है कि यहां पूजा-अर्चना और पापमोचन कुंड में स्नान करने से गो-हत्या के पाप का प्रायश्चित होता है। भक्तों के अनुसार, मंदिर परिसर में स्थित इस पापमोचन कुंड का जल धार्मिक आस्था के अनुसार पवित्र और पाप धोने वाला माना जाता है। यह मान्यता केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है। यहां मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, नागालैंड सहित कई राज्यों से श्रद्धालु आते हैं और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं।

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पौराणिक कथा: जब भगवान कृष्ण ने बताया राक्षस बाणासुर को मुक्ति का मार्ग

मंदिर से जुड़ी सबसे रोचक पौराणिक कथा राक्षस बाणासुर से संबंधित है। मान्यता है कि बाणासुर ने किसी प्रसंग में अनजाने में गौ-हत्या का महापाप कर दिया था, जिसके बाद वह कठोर पश्चाताप से व्यथित हो उठा। तब भगवान श्रीकृष्ण ने उसे पाप से मुक्ति का उपाय बताया।

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श्रीकृष्ण ने बाणासुर से कहा

बानबरद जाओ। वहां भूमि की खुदाई कर स्वयंभू विष्णु प्रतिमा स्थापित करो और पास स्थित पवित्र कुंड में स्नान करो। ऐसा करने से तुम्हारे सभी पाप धुल जाएंगे। इसी निर्देश के बाद बाणासुर ने यहाँ प्रतिमा की स्थापना की और तब से यह स्थल पाप मुक्ति का पवित्र स्थान माना जाने लगा।

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पापमोचन कुंड: स्नान भर से बदल जाती है किस्मत, ऐसा मानते हैं श्रद्धालु

मंदिर से सटे पापमोचन कुंड में श्रद्धालु स्नान करते हैं। कहा जाता है कि यदि किसी से अनजाने में गो-हत्या हो जाए, या वह इस पाप का प्रायश्चित करना चाहता हो, तो वह कुंड में स्नान कर और गौ पूजा कर अपने पापों से मुक्त हो सकता है।

धार्मिक मान्यता में कहा गया है कि यह केवल अनजाने में हुए पापों का प्रायश्चित स्थल है, जानबूझकर किए अपराधों को यह पूजा कभी क्षमा नहीं करती। साथ ही, वर्तमान कानून के अनुसार भी गौहत्या एक गंभीर अपराध है। ऐसे में यह मंदिर आध्यात्मिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर पशुपालकों और ग्रामीणों में पशु-धर्म के प्रति जागरूकता भी बढ़ाता है।


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meena

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