PWD के 2 अधिकारी 90000 की रिश्वत लेते गिरफ्तार ! लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई से हड़कंप
Wednesday, Apr 08, 2026-01:19 PM (IST)
इंदौर (सचिन बहरानी) : मध्य प्रदेश के इंदौर में लोक निर्माण विभाग में लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 अधिकारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अधिकारियों ने 17 लाख के बिल के भुगतान के एवज में 90 हजार रुपये की रिश्वत ली। लोकायुक्त ने दोनों अधिकारियों को मौके पर दबोच लिया। यह कार्रवाई ग्वालियर के रामनगर में रहने वाले ओम एंटरप्राइज में लायजनिंग मैनेजर राघवेन्द्र सिंह गुर्जर की शिकायत पर की गई है।

ग्वालियर के साईं एसोसिएट के मैनेजर राघवेंद्र सिंह द्वारा लोकायुक्त को शिकायत की गई थी कि उन्होंने राऊ क्षेत्रों में राउ से बामपुरा तक इलेक्ट्रीक सिटिंग का कार्य 20,00,000/- रु. में सितम्बर 2025 में लिया था। आवेदक की फर्म द्वारा उक्त कार्य एक माह में पूर्ण कर दिया था। आवेदक की फर्म द्वारा किये गये कार्य का जीएसटी सहित 17,00,000/- रू. का भुगतान होना था। जिसके लिये आरोपी बालकुमार जैन, सहायक यंत्री/प्रभारी कार्यपालन अधिकारी ने आवेदक से 4 प्रतिशत के हिसाब से 60 हजार रुपये और धीरेन्द्र कुमार मीना उपयंत्री/प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी ने 2 प्रतिशत के हिसाब से 30 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की है।

राघवेन्द्र ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय से की थी, जिसके बाद टीम ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर आरोपियों के लिए जाल बिछाया। योजना के तहत कार्रवाई की गई और इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने लोक निर्माण विभाग के इन दोनों अधिकारियों को 90 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दोनों अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 एवं 61 (2) बीएनएस 2023 के अंतर्गत कार्रवाई की गई।
लोकायुक्त के इस छापेमारी में SP राजेश सहाय, कार्यवाहक निरीक्षक आशुतोष मिठास, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक विवेक मिश्रा, आशीष शुक्ला, आरक्षक विजय कुमार, शिवप्रकाश पाराशर, आदित्य भदौरिया, आशीष आर्य, शैलेन्द्र सिंह बघेल एवं श्रीकष्णा अहिरवार ने अहम भूमिका निभाई।

