13 साल पहले पुत्र मोह में किया था CMO पिता ने कांड, अब गई राजस्व उप निरीक्षक पद पर नौकरी कर रहे बेटे की जॉब
Tuesday, Apr 14, 2026-04:29 PM (IST)
(बिलासपुर): एक पिता अपने पद और प्रभाव का कितना प्रयोग कर सकता है, अपने बेटे को नौकरी दिलाने और एडजस्ट करने के लिए अपनी पावर का गलत इस्तेमाल कर सकता है,इसका एक बड़ा मामला जिला बिलासपुर से सामने आया है। दरअसल हाईकोर्ट ने एक ऐसे मामले में कार्रवाई करते हुए बड़ा फैसला सुनाया है।
हाई कोर्ट ने रसूख और पावर के दुरुपयोग के मामले में 13 साल से नौकरी कर रहे राजस्व उप निरीक्षक की नियुक्ति को रद कर दिया है। पिता ने ही अपने बेटे का फर्जी सर्टिफिकेट बनाया था और बेटे को नौकरी करते हुए 13 साल हो गए थे, राजस्व उप निरीक्षक पद पर नौकरी कर रहे बेटे को अब जाकर नौकरी से हाथ धोना पड़ा है।
भाटापारा नगरपालिका परिषद में सीएमओ पिता ने किया था अपने प्रभाव का गलत प्रयोग
जानकारी के मुताबिक भाटापारा नगरपालिका परिषद में सीएमओ (CMO) पिता ने अपने प्रभाव का उपयोग करते हुए बेटे के लिए फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र तैयार किया और उसे राजस्व उप निरीक्षक के पद पर नियुक्त कर दिया।
हालांकि कोर्ट ने नए सिरे से नियुक्ति करने का आदेश दिए। दरअसल नपा परिषद ने 16 नवंबर 2012 को राजस्व उप निरीक्षक (अनारक्षित) पद के लिए विज्ञापन जारी किया था। भाटापारा के देवेंद्र कुमार साहू ने आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन दिया लेकिन पात्र और अपात्र अभ्यर्थियों की सूची में उनका नाम ही नहीं था।
वहीं नगर पालिका ने 23 मार्च 2013 को सतीश सिंह चौहान की नियुक्ति आदेश जारी कर दिया लेकिन देवेंद्र साहू ने इस निर्णय को हाई कोर्ट में याचिका दायर करके चुनौती दी। इस दौरान कोर्ट ने पाया कि सतीश सिंह के पक्ष में उसके पिता का जारी अनुभव प्रमाण पत्र संदिग्ध है। कोर्ट ने नियुक्ति आदेश को निरस्त कर दिया ।
साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता देवेंद्र कुमार साहू की उम्मीदवारी पर विचार करके नया नियुक्ति आदेश जारी करने का निर्देश दिया। दरअसल ये मामला दर्शाता है कि एक प्रभावशाली पद पर बैठा पिता कैसे अपनी पोस्ट का दुरुपयोग करके अपने बेटे को लिए काम कर सकता है।

