मन्नत पूरी कर लौट रहे श्रद्धालुओं पर टूटा कहर, बकरे की बलि के बाद पलटा पिकअप, मची चीख पुकार

Tuesday, Feb 24, 2026-11:34 AM (IST)

धमधा (हेमंत पाल) : सुबह भक्ति, आस्था और मनोकामना की पूर्ति की खुशियों से भरी यात्रा शाम होते-होते दर्दनाक हादसे में बदल गई। छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक आस्था केंद्र सिद्धि माता संडी मंदिर से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की पिकअप सहसपुर धमधा के पास अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में कुल 22 लोग घायल हो गए, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।

मनोकामना, बकरे की बलि और वापसी का सफर

खैरागढ़ क्षेत्र के ग्राम मंडला से करीब दो दर्जन ग्रामीण श्रद्धालु सिद्धि माता के दरबार में मनोकामना पूर्ति हेतु बकरे की बलि चढ़ाकर लौट रहे थे। सिद्धि माता मंदिर क्षेत्र में वर्षों पुरानी आस्था का केंद्र माना जाता है, जहां श्रद्धालु अपनी मन्नत पूरी होने पर बकरे की बलि अर्पित करते हैं। दर्शन और पूजा के बाद सभी श्रद्धालु उत्साह और संतोष के साथ गांव की ओर रवाना हुए। लेकिन सहसपुर देवका के पास उनकी पिकअप अचानक असंतुलित हो गई और सड़क किनारे पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन तेज रफ्तार में था। पलटते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

22 घायल, एक की हालत नाजुक

धमधा बीएमओ डॉ. रचना अग्रवाल ने पुष्टि की कि दुर्घटना में 22 लोग घायल हुए हैं। एक व्यक्ति की हालत गंभीर बनी हुई है। तीन घायलों को धमधा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल दुर्ग रेफर किया गया है। अन्य का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जारी है। घटना की सूचना मिलते ही धमधा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से राहत-बचाव कार्य शुरू किया।

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ड्राइवर पर लापरवाही का आरोप

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि चालक संभवतः शराब के नशे में था। साथ ही, वाहन में क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने की भी जानकारी सामने आई है। ओवरलोडिंग और लापरवाही ने मिलकर इस हादसे को जन्म दिया ऐसा ग्रामीणों का कहना है।

भक्ति से भय तक

सुबह जहां माता के जयकारों से माहौल गूंज रहा था, वहीं शाम तक अस्पतालों के बाहर सन्नाटा और चिंता पसरी दिखी। परिजन अपने प्रियजनों की कुशलता की खबर पाने को व्याकुल नजर आए। यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि आस्था के साथ सावधानी भी जरूरी है। श्रद्धा की राह पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी कभी-कभी भारी पड़ सकती है।

जांच जारी

वास्तविक कारणों की पुष्टि की जा रही है। फिलहाल प्रशासन घायलों के उपचार और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। आस्था की यह यात्रा एक कड़वे सबक के साथ समाप्त हुई। माता की भक्ति में डूबे कदमों को भी सुरक्षा की सतर्कता का सहारा जरूरी है।


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meena

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