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आगामी 48 से 72 घंटों के दौरान भारी बारिश अलर्ट के चलते प्रशासन अलर्ट, विभागों को तत्काल प्रभाव से अलर्ट मोड में काम के निर्देश

Sunday, Jul 19, 2026-06:40 PM (IST)

(मुंगेली): भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा आगामी 48 से 72 घंटों के दौरान जिले में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी जारी किए जाने के बाद कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुन्दन कुमार ने जिले में व्यापक आपदा पूर्व तैयारियों के लिए आपातकालीन आदेश जारी किए हैं। आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत जारी इस आदेश में सभी संबंधित विभागों को तत्काल प्रभाव से अलर्ट मोड में कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

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कलेक्टर ने कहा कि भारी वर्षा के कारण अचानक बाढ़, मनियारी एवं शिवनाथ नदियों के जलस्तर में वृद्धि, राजीव गांधी (खुड़िया) जलाशय में भारी जल आवक तथा शहरी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसी परिस्थितियों में जन-धन की सुरक्षा सर्वाच्च प्राथमिकता है और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करें।

नियंत्रण कक्ष सक्रिय, गांवों में मुनादी कर लोगों को किया जाएगा सतर्क

कलेक्टर ने सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं राजस्व अधिकारियों को ब्लॉक स्तरीय नियंत्रण कक्ष तत्काल सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नदी किनारे एवं निचले क्षेत्रों के गांवों में ग्राम कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराकर लोगों को सतर्क करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील करने को कहा गया है।

खुड़िया बांध की प्रति घंटे होगी निगरानी,जलमग्न पुलों और रपटों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध

जल संसाधन विभाग को राजीव गांधी (खुड़िया) जलाशय के जलस्तर की प्रति घंटे निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने कहा किया है कि डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों के गांवों को कम से कम तीन घंटे पूर्व सूचना दिए बिना तथा जिला दण्डाधिकारी की लिखित अनुमति के बिना मनियारी नदी में जल का आपातकालीन डिस्चार्ज नहीं किया जाएगा। पुलिस एवं यातायात पुलिस को सभी रपटों एवं कॉजवे पर मजबूत बैरिकेडिंग कर जीरो क्रॉसिंग नीति का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी परिस्थिति में जलमग्न पुल, रपट या सड़क से वाहनों एवं पैदल यात्रियों को गुजरने की अनुमति नहीं होगी।

स्वास्थ्य विभाग को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश, जलभराव वाले क्षेत्रों में पंप तैनात होंगे

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सर्पदंश रोधी विष (एंटी-वेनम), क्लोरीन टैबलेट तथा आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही रैपिड रिस्पांस मेडिकल टीमों एवं एम्बुलेंस सेवाओं को चौबीसों घंटे स्टैंडबाय रखने को कहा गया है। नगर पालिका एवं जनपद पंचायतों को जलभराव वाले क्षेत्रों में तत्काल हाई कैपेसिटी डी-वॉटरिंग पंप लगाने तथा शहर एवं ग्रामीण बाजारों की नालियों और जल निकासी मार्गों से अवरोध हटाकर निर्बाध निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जनता के लिए एडवाइजरी जारी,अधिकारियों के अवकाश निरस्त

कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि अत्यावश्यक कार्य के अलावा घरों से बाहर न निकलें, आकाशीय बिजली के दौरान पेड़ों या कमजोर संरचनाओं के नीचे शरण न लें तथा नदी, बांध, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास जाने से बचें। आवश्यक सेवाओं से जुड़े सभी विभागों के वर्ग-1, वर्ग-2 एवं वर्ग-3 अधिकारियों-कर्मचारियों के अवकाश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं। सभी अधिकारियों को मुख्यालय में उपस्थित रहने तथा बिना पूर्व अनुमति जिला मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। 

संयुक्त राजस्व-पुलिस गश्ती दल गठित

भारी वर्षा एवं संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिले में धारा 163 बीएनएसएस के तहत जारी निषेधाज्ञा का पालन सुनिश्चित कराने के लिए संयुक्त राजस्व-पुलिस गश्ती दल गठित किए गए हैं। लोरमी क्षेत्र में एसडीएम एवं एसडीओपी लोरमी को खुड़िया बांध एवं मनियारी नदी क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। मुंगेली क्षेत्र में एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं थाना प्रभारी नगरीय क्षेत्र तथा प्रमुख रपटों की निगरानी करेंगे। पथरिया क्षेत्र में एसडीएम, तहसीलदार एवं थाना प्रभारी शिवनाथ नदी तट एवं बेमेतरा सीमा क्षेत्र में लगातार गश्त करेंगे।

बिजली, पशुधन और सड़क विभाग भी अलर्ट

कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी को जलभराव वाले क्षेत्रों में आवश्यकता अनुसार एहतियातन बिजली आपूर्ति बंद करने, टूटे तार एवं गिरे पोलों की तत्काल मरम्मत तथा अस्पतालों एवं नियंत्रण कक्षों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पशुधन विकास विभाग को नदी किनारे के क्षेत्रों से मवेशियों को सुरक्षित स्थानों एवं गौठानों में पहुंचाने, चारा एवं आवश्यक दवाओं का भंडारण करने के निर्देश दिए गए हैं। लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, पीएमजीएसवाई, राष्ट्रीय राजमार्ग, जल संसाधन विभाग, वन विभाग एवं एटीआर टीम को संवेदनशील मार्गों पर जेसीबी, डंपर, कटर एवं अन्य मशीनरी तैनात रखने तथा मार्ग अवरुद्ध होने पर तत्काल यातायात बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जर्जर भवनों एवं पुलों पर चेतावनी बोर्ड लगाने को भी कहा गया है।


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Content Editor

Desh Raj

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