Punjab Kesari MP ads

खुद की जान की परवाह नहीं! मधुमक्खियों से 20 बच्चों को बचाते हुए आंगनवाड़ी रसोईया की मौत

Wednesday, Feb 04, 2026-01:02 PM (IST)

नीमच। (मूलचंद खींची): मध्यप्रदेश के नीमच जिले से मानवता और साहस की एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। आंगनवाड़ी केंद्र में काम करने वाली एक महिला ने अपनी जान की परवाह किए बिना मधुमक्खियों के हमले से 20 मासूम बच्चों की जान बचाई। मधुमक्खियां लगातार उन्हें डंक मारती रहीं, लेकिन वे आख़िरी सांस तक बच्चों की रक्षा करती रहीं। इस घटना में महिला की मौत हो गई।यह दर्दनाक हादसा नीमच जिले के रानपुर गांव स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में मंगलवार को हुआ। आंगनवाड़ी केंद्र में उस समय करीब 20 बच्चे बाहर खेल रहे थे। अचानक पास के पेड़ पर लगे मधुमक्खियों के छत्ते से हजारों मधुमक्खियों ने हमला कर दिया और बच्चों को घेर लिया।

बच्चों की जान खतरे में देख आंगनवाड़ी केंद्र में भोजन बनाने वाली स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष कंचनबाई मेघवाल तुरंत आगे आईं। उन्होंने बिना एक पल गंवाए पास में पड़ी तिरपाल और दरी से बच्चों को ढंकना शुरू किया और एक-एक कर सभी बच्चों को अंदर के कमरे में सुरक्षित पहुंचाया। इस दौरान कंचनबाई खुद मधुमक्खियों के सामने खड़ी रहीं। जब तक ग्रामीण मदद के लिए पहुंचे, तब तक हजारों मधुमक्खियां कंचनबाई को बुरी तरह डंक मार चुकी थीं। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मंगलवार देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। कंचनबाई मेघवाल की शहादत एक जाबांज महिला की मिसाल बन गई है, जिन्होंने अपनी जान की कीमत पर 20 बच्चों की जिंदगियां बचाईं।

पति को पैरालिसिस, पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी कंधों पर

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि कंचनबाई आंगनवाड़ी में भोजन बनाने वाले ‘जय माता दी स्व-सहायता समूह’ की अध्यक्ष थीं। वे खुद भी बच्चों के लिए खाना बनाने का काम करती थीं। उनके पति शिवलाल पैरालिसिस से पीड़ित हैं। ऐसे में घर की पूरी जिम्मेदारी कंचनबाई पर ही थी। उनके परिवार में एक बेटा और दो बेटियां हैं।

प्रशासन से मदद की मांग

घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। आंगनवाड़ी के पास स्थित पेड़ पर अभी भी मधुमक्खियों का छत्ता लगा हुआ है। यही नहीं, आंगनवाड़ी परिसर में लगा एकमात्र हैंडपंप पूरे गांव के लिए पानी का मुख्य स्रोत है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मधुमक्खियों के छत्ते को तुरंत हटाया जाए, ताकि भविष्य में कोई और हादसा न हो। साथ ही उन्होंने कंचनबाई मेघवाल के परिवार को आर्थिक सहायता देने की भी अपील की है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Himansh sharma

Related News