नौकरी करनी है तो काम करना पड़ेगा...नवागत कलेक्टर ने की सख्ती तो विरोध में उतरे अधिकारी-कर्मचारी, कमिश्नर के पास पहुंचे
Thursday, May 07, 2026-02:59 PM (IST)
रीवा (गोविंद सिंह) : कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी की सख्ती से जिले के जनपद पंचायत एवं ग्रामीण विकास के कर्मचारी और अधिकारी खुलकर विरोध पर उतर आए है। इसको लेकर कर्मचारियों ने कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर अपना विरोध जताते हुए, कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा है। कलेक्टर ने साफ कर दिया है कि जो शासन से जुड़ी योजनाएं है, और जो लोगों का काम है उसे कर्मचारियों को करना पड़ेगा, नहीं तो ऐसे कर्मचारियों पर कार्यवाही की जाएगी।

एक तरफ जहां नवागत कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के काम को लेकर जहां जनता खुश नजर आ रही है, वहीं कलेक्टर की सख्ती से कर्मचारी नाराज नजर आ रहे हैं। जब से नए कलेक्टर ने रीवा में दस्तक दी है, उसी दिन से काम न करने वाले कर्मचारियों को कुछ भी अच्छा नहीं लग रहा। इन 20 दिनों में पहले तो कलेक्टर रीवा ने दूर दराज के इलाके का भ्रमण किया, फिर पहुंच गए सुबह सवेरे ऑफिस। जहां समय पर चंद कर्मचारियों को छोड़कर कोई भी कर्मचारी नजर नहीं आया। कर्मचारियों की पहली क्लास वहां पर लगी, फिर दौर शुरू हुआ जनसुनवाई का, कलेक्टर जनसुनवाई करने लगे दूसरे हफ्ते में ही लंबी-लंबी लाइन नजर आई, जो यह बता रही थी, रीवा में कर्मचारी किस तरीके से कम कर रहे हैं।

उसके बाद दौर शुरू हुआ अलग-अलग विभागीय बैठक का, कलेक्टर ने तीसरा काम किया। विभागीय समीक्षा का, सबसे पहले शुरुआत हुई जिला पंचायत की। समीक्षा हुई मनरेगा के कामों की, लिस्ट निकाली गई, प्रदेश में 52 वां नंबर नीचे से दूसरा, बस फिर क्या था, नवागत कलेक्टर जमकर भड़क गए। कह डाला इस तरीके से काम नहीं चलेगा। कलेक्टर ने कर्मचारियों की क्लास लगा डाली, नौकरी करनी है तो काम करना पड़ेगा। नहीं तो जितना काम, उतना वेतन, के लिए तैयार रहिए।

यह बात कर्मचारियों को अच्छी नहीं लगी, जिला पंचायत, जनपद पंचायत,दफ्तर सहित कुछ कर्मचारी संगठन एकत्र हो गए, और संभागीय कमिश्नर के दफ्तर पहुंच गए। जहां उन्होंने कलेक्टर के कामकाज पर सवाल उठाते हुए हुए ज्ञापन भी दे डाला। कलेक्टर ने कर्मचारियों को कहा है कि, काम की रफ्तार बढ़ानी पड़ेगी, काम करना है, बगैर काम करें, काम अब नहीं चलेगा।

