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किसानों को मिली बड़ी सौगात! CM मोहन यादव ने दी हरी झंडी

Tuesday, Jul 07, 2026-04:59 PM (IST)

ग्वालियर (अंकुर) :मध्यप्रदेश के ग्वालियर से किसानों के लिए बड़ी सौगात मिली है। यहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्राकृतिक खेती, आधुनिक कृषि तकनीक और पशुपालन को किसानों की समृद्धि का मंत्र बताया। राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित संभागीय कृषि कार्यशाला में मुख्यमंत्री ने कृषि परियोजनाओं का शिलान्यास किया। सफल प्राकृतिक किसानों का सम्मान किया और किसानों से सीधा संवाद कर खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने का आह्वान किया।

ग्वालियर पहुंचते ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषि विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण किया। इसके बाद समन्वित कृषि प्रणाली और बहु-स्तरीय कृषि पद्धति इकाई का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना, उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह और सांसद भारत सिंह कुशवाह समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने 49 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली हाईटेक नर्सरी और फ्लोरीकल्चर गार्डन का भूमि पूजन किया।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पहले चरण के लिए 13 करोड़ रुपये की स्वीकृति पहले ही दी जा चुकी है। वहीं, पीएमएफएमई योजना के हितग्राहियों को लाभ वितरित किया गया और प्राकृतिक खेती में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया।

मुख्यमंत्री ने किसानों से सीधे संवाद करते हुए कहा कि आने वाला समय प्राकृतिक और जैविक खेती का है। उन्होंने किसानों से रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की। साथ ही खेती के साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को आय बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम बताते हुए अधिक से अधिक किसानों को इससे जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने इंदौर में 10 हजार गौवंश क्षमता वाली गौशाला का उदाहरण देते हुए गौ-आधारित कृषि मॉडल को भी बढ़ावा देने की बात कही।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कृषि उपज के समर्थन मूल्य को लेकर कांग्रेस और भाजपा सरकारों की तुलना भी की। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने किसानों को गेहूं सहित अन्य फसलों का बेहतर मूल्य दिलाने का काम किया है और सरकार लगातार किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक, बहु-स्तरीय कृषि प्रणाली, उद्यानिकी और प्राकृतिक खेती के समन्वय से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सकता है।

ग्वालियर में मुख्यमंत्री का यह दौरा पूरी तरह किसान केंद्रित रहा। करोड़ों रुपये की नई कृषि परियोजनाओं की सौगात, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, आधुनिक तकनीकों के विस्तार और किसानों से सीधे संवाद के जरिए सरकार ने साफ संदेश दिया कि कृषि को लाभकारी बनाने के लिए तकनीक, प्रकृति और पशुपालन तीनों का संतुलित मॉडल ही भविष्य की दिशा होगा।


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Content Editor

Vandana Khosla

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