प्रसिद्ध लोक गायिका के निधन पर CM मोहन यादव ने जताया दुख, सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अर्पित की श्रद्धांजलि
Monday, Jul 06, 2026-10:31 AM (IST)
भोपालः मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककथा गायन शैली पंडवानी को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने वाली प्रख्यात लोक गायिका तीजन बाई के निधन पर शोक जताया और कहा कि कला जगत में उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। तीजन बाई का रविवार को रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 70 वर्ष की थीं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "प्रख्यात पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।" मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी अद्वितीय कला, ओजस्वी प्रस्तुति और लोक परंपराओं के संरक्षण के माध्यम से उन्होंने भारतीय संस्कृति एवं पंडवानी गायन को विश्व पटल पर विशिष्ट पहचान दिलाई। उन्होंने कहा, "कला जगत में उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों एवं प्रशंसकों को यह दुःख सहन करने की शक्ति दें।"
प्रख्यात पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) July 5, 2026
अपनी अद्वितीय कला, ओजस्वी प्रस्तुति और लोक परंपराओं के संरक्षण के माध्यम से उन्होंने भारतीय संस्कृति एवं पंडवानी गायन को विश्व पटल पर विशिष्ट पहचान दिलाई। कला जगत…
बता दें कि पद्म विभूषण से सम्मानित तीजन बाई ने रविवार तड़के सवा तीन बजे आखिरी सांस ली। एम्स में 27 मई से उनका उपचार किया जा रहा था। तीजन बाई संयुक्त मध्यप्रदेश और वर्तमान छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से थीं। अपनी दमदार आवाज, मंच पर प्रभावशाली उपस्थिति और भावपूर्ण प्रस्तुति शैली के लिए प्रसिद्ध तीजन बाई ने पंडवानी को एक क्षेत्रीय लोक परंपरा से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित लोककला का दर्जा दिलाया। पंडवानी छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककला है, जिसमें महाभारत के प्रसंगों को प्रभावशाली कथा-वाचन, लोकगायन और संगीत के साथ जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाता है।

