RSS के चमकते सितारे ने दुनिया को कहा अलविदा, गम में डूबी भाजपा, CM मोहन समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
Wednesday, Jun 24, 2026-02:19 PM (IST)
भोपाल: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक धर्मवीर सिंह का अचानक निधन हो गया। बीमारी के चलते वे अस्पताल में इलाजरत थे और उन्होंने मंगलवार 23 जून 2026 को रात्रि लगभग 9 बजे के करीब अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनका जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की निस्वार्थ सेवा में समर्पित रहा। उनका अंतिम संस्कार बुधवार 24 जून को उनके पैतृक गांव में किया जाएगा। उनके निधन से भाजपा संगठन में शोक की लहर है। सीएम मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक धर्मवीर जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। आपका सम्पूर्ण जीवन कर्तव्यनिष्ठा, निस्वार्थ सेवा, राष्ट्रभक्ति और लोककल्याण के उच्च आदर्शों को समर्पित रहा है।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) June 24, 2026
बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि दिवंगत… pic.twitter.com/0b2sAePIUI
सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडिया के जरिए लिखा- धर्मवीर सिंह के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। आपका सम्पूर्ण जीवन कर्तव्यनिष्ठा, निस्वार्थ सेवा, राष्ट्रभक्ति और लोककल्याण के उच्च आदर्शों को समर्पित रहा है। बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि दिवंगत को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्रद्धेय धर्मवीर सिंह जी के निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। उनका संपूर्ण जीवन अनुशासित, निःस्वार्थ भाव से राष्ट्रसेवा व समाज कल्याण के लिए समर्पित रहा।
— Hemant Khandelwal (@Hkhandelwal1964) June 24, 2026
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान… pic.twitter.com/s37rlF5Bq1
वहीं प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक धर्मवीर सिंह के निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। उनका संपूर्ण जीवन अनुशासित, निःस्वार्थ भाव से राष्ट्रसेवा व समाज कल्याण के लिए समर्पित रहा। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा आत्मीय जनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति दें।

