स्वास्थ्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता: CM मोहन यादव बोले- माता-पिता के बाद डॉक्टर ही भगवान
Sunday, Jun 28, 2026-07:18 PM (IST)
भोपाल: मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा संदेश देते हुए कहा कि माता-पिता के बाद यदि किसी को भगवान का दर्जा दिया जा सकता है तो वह डॉक्टर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के गठन के साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई और इसी सोच के तहत कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेशव्यापी पल्स पोलियो अभियान और सुमन पंचायत कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान स्टेट एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस 2.0 पॉलिसी का अनावरण किया गया तथा एचपीवी टीकाकरण और स्वस्थ यकृत मिशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के कठिन दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और डॉक्टरों की मेहनत से भारत ने दुनिया के सामने एक मिसाल पेश की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों का कार्यकाल देश के लिए वरदान साबित हुआ है और आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, टीबी मुक्त भारत, सिकल सेल उन्मूलन जैसी योजनाओं से करोड़ों लोगों को लाभ मिला है।
डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में पल्स पोलियो अभियान को बड़े स्तर पर चलाया जा रहा है। इसके लिए 1,400 मोबाइल टीमें, 43 हजार घर-घर जाने वाली टीमें, 1.66 लाख वैक्सीनेटर और 26 हजार सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। साथ ही 83 हजार पोलियो बूथ बनाए गए हैं ताकि पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक दी जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना सभी की जिम्मेदारी है। सरकार का लक्ष्य केवल इलाज उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि हर नागरिक को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं देना है।

