किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! सरकार ने कर दिया बड़ा ऐलान..

Wednesday, Jan 14, 2026-03:19 PM (IST)

भोपाल। मध्यप्रदेश के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार ने गेहूं उत्पादक किसानों को सीधी राहत देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि 2028 से पहले गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाकर 2700 रुपए प्रति क्विंटल किया जाएगा। फिलहाल प्रदेश में गेहूं की MSP 2600 रुपए प्रति क्विंटल है।

रविवार को राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाने की आधिकारिक घोषणा की। इस अवसर पर प्रदेशभर से हजारों किसान सम्मेलन में शामिल हुए।

1101 ट्रैक्टरों की रैली, खुद ट्रैक्टर चलाते नजर आए सीएम

किसान सम्मेलन से पहले राजधानी में 1101 ट्रैक्टरों की भव्य रैली निकाली गई, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं ट्रैक्टर चलाते नजर आए। रैली और सम्मेलन ने किसानों में नया उत्साह भर दिया।

सरसों किसानों को भी मिलेगी भावांतर योजना

सीएम मोहन यादव ने सम्मेलन में सरसों किसानों के लिए भी भावांतर योजना लागू करने का ऐलान किया। अब सोयाबीन की तरह सरसों की खरीद में भी किसानों को भावांतर का लाभ मिलेगा। इस घोषणा का किसानों ने जोरदार तालियों से स्वागत किया।

गौरतलब है कि ग्वालियर-चंबल अंचल, मालवा और बुंदेलखंड में सरसों प्रमुख फसल है। प्रदेश में सालाना करीब 1 लाख मीट्रिक टन सरसों उत्पादन होता है। पिछले साल सरकार ने 5950 रुपए प्रति क्विंटल MSP पर 50 हजार मीट्रिक टन सरसों की खरीद की थी।

किसानों को फसल विविधता की सलाह

सीएम ने किसानों से अपील की कि वे कीटनाशकों के अत्यधिक इस्तेमाल से बचें। उन्होंने ग्रीष्मकालीन मूंग की बजाय उड़द और मूंगफली की खेती को अपनाने का सुझाव दिया।

श्रीअन्न, सोलर पंप और बीज जांच पर बड़ा फोकस

मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में कई अहम घोषणाएं भी कीं..

डिंडौरी में राज्य श्रीअन्न अनुसंधान केंद्र की स्थापना

3 साल में 30 लाख किसानों को सोलर पावर पंप देने का लक्ष्य

प्रदेशभर में बीज परीक्षण प्रयोगशालाएं खोलने की घोषणा

गेहूं MSP पर सरकार की प्रतिबद्धता

सीएम मोहन यादव ने स्पष्ट कहा..

बीजेपी सरकार ने गेहूं का MSP 2700 रुपए करने का वादा किया था। हमने इसे 2600 तक पहुंचा दिया है और 2028 से पहले 2700 रुपए प्रति क्विंटल MSP सुनिश्चित करेंगे।”

कुल मिलाकर, ‘कृषक कल्याण वर्ष 2026’ की शुरुआत के साथ ही एमपी के किसानों के लिए नई उम्मीदों और आर्थिक मजबूती का रास्ता खुलता नजर आ रहा है।


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Content Editor

Himansh sharma

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