बीजेपी नेताओं से ऐसा क्या बोल गए हेमंत खंडेलवाल? ''इतिहास माफ नहीं करेगा'' वाली चेतावनी से मची चर्चा!
Saturday, Oct 10, 2026-11:58 AM (IST)
इंदौर। मध्यप्रदेश में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इंदौर के एक दिवसीय दौरे के दौरान पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को अनुशासन, विनम्रता और पुराने कार्यकर्ताओं के सम्मान का संदेश दिया। मंच से उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पद और प्रतिष्ठा हमेशा नहीं रहते, इसलिए किसी को भी अपने पद का घमंड नहीं करना चाहिए। उन्होंने चेताया कि अगर नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपना आचरण नहीं बदला और पार्टी के लिए संघर्ष करने वाले पुराने कार्यकर्ताओं के त्याग को भुला दिया, तो इतिहास उन्हें माफ नहीं करेगा।
'पद आज है, कल नहीं', पुराने कार्यकर्ताओं को न भूलें
हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि आज कोई पार्टी का अध्यक्ष है, कोई मंत्री है तो कोई विधायक, लेकिन सभी को यह याद रखना चाहिए कि पद मिलने से पहले भी उनका जीवन था और पद से हटने के बाद भी जीवन रहेगा। पद और जिम्मेदारियां स्थायी नहीं हैं, इसलिए नेताओं को हमेशा विनम्रता बनाए रखनी चाहिए।
उन्होंने कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए कहा कि सत्ता और पद मिलने के बाद उन लोगों के संघर्ष को नहीं भूलना चाहिए, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में पार्टी को मजबूत करने के लिए अपना जीवन समर्पित किया। पार्टी की मौजूदा ताकत के पीछे पुराने कार्यकर्ताओं की मेहनत, त्याग और तपस्या है।
'एक दौर था, जब मंडल में दो कार्यकर्ता भी नहीं मिलते थे'
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी के विस्तार का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय ऐसा भी था, जब मंडल स्तर पर दो कार्यकर्ताओं को जुटाना मुश्किल होता था। आज स्थिति यह है कि पार्टी के पास हर बूथ पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद हैं। यह बदलाव पुराने कार्यकर्ताओं के लंबे संघर्ष और समर्पण का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि यदि आज के नेता पुराने कार्यकर्ताओं के योगदान को भुलाने लगे, तो पार्टी अपनी मूल दिशा से भटक सकती है। संगठन की मजबूती केवल पदों और सत्ता से नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के सम्मान, समर्पण और आपसी जुड़ाव से कायम रहती है।
'50 साल बाद नई पीढ़ी तुम्हें सम्मान से याद करेगी'
हेमंत खंडेलवाल ने कार्यकर्ताओं को उनके वैचारिक योगदान का महत्व भी समझाया। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियां आज पार्टी के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं के योगदान को याद करेंगी। जिस तरह स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिवारों के संघर्ष को सम्मान की नजर से देखा जाता है, उसी तरह भविष्य में पार्टी के लिए समर्पण करने वाले कार्यकर्ताओं को भी याद किया जाएगा।
उन्होंने भारत को सुरक्षित बनाने और आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से खड़े होने वाली पार्टी की विचारधारा का उल्लेख करते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं ने इस विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कुल मिलाकर, इंदौर में हेमंत खंडेलवाल का संदेश पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए स्पष्ट था पद मिलने पर अहंकार नहीं, बल्कि विनम्रता बढ़नी चाहिए। संगठन को मजबूत बनाए रखने के लिए पुराने कार्यकर्ताओं के संघर्ष का सम्मान करना और अपने आचरण में अनुशासन बनाए रखना जरूरी है।

