भाजपा नेता की बेरहमी से की थी हत्या, महज 24 घंटे में चौंकाने वाला खुलासा; दो आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे
Thursday, May 14, 2026-09:48 AM (IST)
दमोह (इम्तियाज़ चिश्ती): दमोह पुलिस ने पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष एवं भाजपा नेता देवेंद्र ठाकुर की हत्या की गुत्थी 24 घंटे के भीतर सुलझा ली। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मंगलवार को दमोह के सागर नाका इलाके में देवेंद्र ठाकुर की मौत को पहले सड़क हादसा माना जा रहा था, लेकिन जांच में सामने आया कि यह एक सुनियोजित हत्या थी। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पुरानी रंजिश के चलते उनकी मोटरसाइकिल को पीछे से स्कॉर्पियो वाहन से टक्कर मारी और फिर वाहन उन पर चढ़ा दिया।
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार शाम करीब 4 बजे देवेंद्र ठाकुर मोटरसाइकिल से सागर रोड से गुजर रहे थे। तभी सफेद स्कॉर्पियो में सवार आरोपी उनका पीछा करते हुए पहुंचे और उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। देवेंद्र ठाकुर सड़क पर गिर पड़े, लेकिन आरोपियों ने दोबारा वाहन आगे बढ़ाकर उन्हें कुचल दिया। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल देवेंद्र ठाकुर को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने विशेष जांच टीम बनाई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, वाहन की लोकेशन, मुखबिरों और पुराने विवादों की जानकारी के आधार पर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने नोहटा थाना क्षेत्र के एक गांव से दो आरोपियों वैभव राजपूत और विशाल राजपूत को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, वैभव राजपूत स्कॉर्पियो चला रहा था और वही मुख्य आरोपी है। तीसरा आरोपी अभिषेक राजपूत फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई सफेद स्कॉर्पियो को जबलपुर बाईपास के पास लावारिस हालत में बरामद किया। जांच में पता चला कि वाहन आरोपियों के पिता दुर्गेश राजपूत के नाम पर पंजीकृत है। वाहन को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। साल 2020 और 2021 में दोनों पक्षों के खिलाफ क्रॉस एफआईआर भी दर्ज हुई थीं। इसी पुरानी रंजिश के कारण आरोपियों ने देवेंद्र ठाकुर की हत्या की योजना बनाई थी। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

