अब सगाई के बाद लड़का–लड़की फोन पर नहीं कर पाएंगे बात… जानिए क्यों और क्या है नया नियम!
Thursday, Mar 05, 2026-05:55 PM (IST)
बालोद: छत्तीसगढ़ के सेन समाज ने शादी और परंपराओं में बड़ा बदलाव किया है। अब सगाई के बाद लड़का–लड़की मोबाइल पर निजी बात नहीं कर पाएंगे, और कई पुरानी रस्मों पर पूरी पाबंदी लगाई गई है।
जूता-छिपाई बंद
समाज ने शादी में होने वाली जूता-छिपाई जैसी रस्में पूरी तरह खत्म करने का निर्णय लिया। पदाधिकारियों का कहना है कि ये रस्में अक्सर पैसे और विवाद का कारण बनती थीं, जिससे रिश्तों में तनाव पैदा होता था।
सगाई के बाद फोन पर पाबंदी
सगाई के बाद यदि लड़का–लड़की फोन पर बात करेंगे तो गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं, इसलिए अब किसी भी बातचीत के लिए माता-पिता की मौजूदगी जरूरी होगी।
रिश्ता तोड़ने पर कार्रवाई
जिलाध्यक्ष संतोष कौशिक के अनुसार, मंगनी या सगाई के बाद बिना उचित कारण रिश्ता तोड़ने पर समाज सामाजिक कार्रवाई करेगा।
अन्य बदलाव
रिश्ता तय करते समय अधिकतम 15 लोग ही दूसरे पक्ष के घर जा सकेंगे।
सगाई में अंगूठी पहनाना अनिवार्य नहीं, सिर्फ पुष्प भेंट की जाएगी।
वरमाला केवल विवाह के समय होगी।
हर रस्म में 100-100 रुपये देने का नियम तय।
महिलाओं के अधिकार
विधवा महिलाओं को पुत्र/पुत्री के विवाह और संस्कार में पूरा अधिकार।
बेटियों को भी अंतिम संस्कार में कंधा देने की अनुमति।
छोटे-बड़े “पार” की परंपरा खत्म, समानता का संदेश।
कफन ओढ़ाने की परंपरा बंद, मृतक के परिवार को उनकी इच्छा अनुसार आर्थिक मदद।
समाज के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, "इन बदलावों का मकसद है रिश्तों को मजबूत और विवाद रहित बनाना।"

