फुल फॉर्म में आई कलेक्टर मैम, 8 अधिकारियों और कर्मचारियों को जारी किए नोटिस,साथ में वार्निंग
Sunday, Mar 08, 2026-04:34 PM (IST)
(ग्वालियर): ग्वालियर में कलेक्टर का रौद्र रुप देखने को मिला है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने काम में ढिलाई बरतने वालों अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किर दिए हैं और साथ ही साफ कर दिया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो फिर दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है।
आम नागरिकों को समय पर सेवाएं न उपलब्ध कराना पड़ा महंगा
दरअसल ग्वालियर में लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत तय समय सीमा में आम नागरिकों को सेवाएं न उपलब्ध कराने को लेकर कलेक्टर रुचिका चौहान ने एक्शन लिया है। जिले के आठ अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। कलेक्टर ने साफ कर दिया है कि अगर जबाव संतुष्ट करने वाला नहीं हुआ तो फिर कार्रवाई कड़ी हो सकती है।
दरअसल शासन की योजनाओं और सेवाओं को तय समय में जनता तक पहुंचाने के लिए लोक सेवा गारंटी अधिनियम लागू है। इस कानून में निश्चित समय सीमा में सेवा को जनता तक पहुंचाना जरुरी है। कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान पाया कि कई मामलों में तय समय सीमा के अंदर ये सेवाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं है और ढिलाई बरती गई है। इसी को ध्यान में लेते हुए कलेक्टर ने सख्त रवैया अपनाया है।
जिन अधिकारियों को नोटिस थमाए हैं उनके नाम हैं-
कलेक्टर ने जिन कर्मचारियों और अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं उनके नाम इस प्रकार हैं। बृजकिशोर शर्मा (सीएमओ, आंतरी), ज्ञान सिंह रावत (सचिव, ग्राम पंचायत पलायझा, भितरवार), कृष्ण कुमार भोला (नायब तहसीलदार, मोहना), महेश कुशवाह (तहसीलदार, लश्कर), मस्तराम गुर्जर (नायब तहसीलदार, बिलौआ), पूजा मावई (नायब तहसीलदार, आंतरी), प्रदीप महाकाली (नायब तहसीलदार, कुलैथ) और प्रेम चंद्र शाक्य (सचिव, ग्राम पंचायत स्याऊ, भितरवार) है।

