दतिया में कांग्रेस प्रत्याशी ने आजाद समाज पार्टी पर किया बड़ा खुलासा, BJP से जोड़ा कनेक्शन,जानिए क्या कहा
Sunday, Jul 12, 2026-04:30 PM (IST)
दतिया (नवल यादव): दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस के घोषित प्रत्याशी कु. घनश्याम ने विशेष बातचीत में चुनावी रणनीति, स्थानीय मुद्दों और विपक्ष पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने विकास, सामाजिक सौहार्द और स्थानीय नेतृत्व को चुनाव का मुख्य आधार बताया।
कांग्रेस प्रत्याशी कु. घनश्याम ने कहा कि पार्टी नेतृत्व के विश्वास पर वह पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरेंगे। उनका कहना है कि कांग्रेस जनता के बीच विकास, जनहित और क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को प्रमुखता से लेकर जाएगी। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति सामाजिक सौहार्द और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की होगी। "हम पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ेंगे। जनता के बीच विकास और जनहित के मुद्दों को लेकर जाएंगे। हमारा उद्देश्य सभी वर्गों को साथ लेकर सकारात्मक राजनीति करना है।"
आजाद समाज पार्टी के शक्ति प्रदर्शन पर बोले घनश्याम, ये BJP की B टीम
आजाद समाज पार्टी के शक्ति प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस प्रत्याशी ने कहा कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बाहर के जिलों से लोग पहुंचे थे। उनके अनुसार चुनाव में असली ताकत का फैसला दतिया की जनता करेगी। "कार्यक्रम में बाहर के जिलों से भी लोग आए थे। चुनाव में वास्तविक जनसमर्थन का फैसला दतिया की जनता अपने मतदान से करेगी। घनश्याम ने आजाद समाज पार्टी को BJP की B टीम बताया है औऱ कहा है कि ये भाजपा को जिताने में लगे हैं।
भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधे मुकाबले के सवाल पर कु. घनश्याम ने दावा किया कि मुख्य मुकाबला दोनों दलों के बीच ही रहेगा। उन्होंने कहा कि मतदाता पूरी तरह जागरूक हैं और सोच-समझकर मतदान करेंगे। स्थानीय उम्मीदवार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं को वही बेहतर समझ सकता है, जो लंबे समय से जनता के बीच रहकर काम करता रहा हो। इसलिए उन्हें विश्वास है कि मुकाबला मुख्य रूप से कांग्रेस और भाजपा के बीच होगा। स्थानीय उम्मीदवार होने का अपना महत्व है, क्योंकि क्षेत्र की समस्याओं और जनता की अपेक्षाओं की बेहतर समझ उसी व्यक्ति को होती है, जो लगातार क्षेत्र के बीच रहा हो।"
दतिया विधानसभा उपचुनाव में अब चुनावी प्रचार लगातार गति पकड़ रहा है। सभी दल अपने-अपने दावों के साथ जनता के बीच पहुंच रहे हैं। ऐसे में अंतिम फैसला अब मतदाताओं के हाथ में है कि वे किसके पक्ष में अपना जनादेश देते हैं।

