पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम के सामने क्या कांग्रेस उतारेगी युवा चेहरा? राहुल गांधी की हरी झंडी पर टिकी नजर
Thursday, May 21, 2026-03:27 PM (IST)
दतिया। मध्यप्रदेश की राजनीति में दतिया सीट एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता रद्द होने के बाद संभावित उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनाव आयोग की तैयारियों के संकेतों के बीच अब कांग्रेस के भीतर भी नए समीकरण बनते दिखाई दे रहे हैं।
राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा उस मुलाकात की है, जिसमें पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने हाल ही में अपने बेटे अनुज की मुलाकात राहुल गांधी से कराई। आधिकारिक तौर पर इसे सामान्य राजनीतिक मुलाकात माना जा रहा है, लेकिन दतिया की राजनीति में इसे संभावित उम्मीदवार के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
दतिया सीट कांग्रेस के लिए केवल एक विधानसभा क्षेत्र नहीं, बल्कि प्रतिष्ठा का प्रश्न भी मानी जा रही है। पिछले चुनाव में राजेंद्र भारती ने बीजेपी के बड़े चेहरे और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को हराकर प्रदेश की राजनीति में बड़ा संदेश दिया था। ऐसे में यदि उपचुनाव की स्थिति बनती है तो कांग्रेस ऐसा चेहरा तलाशेगी जो संगठन, सहानुभूति और स्थानीय समीकरण तीनों को साध सके।
यहीं से अनुज भारती का नाम चर्चा में आया है। पार्टी के अंदर माना जा रहा है कि राजेंद्र भारती का प्रभाव और संगठन में पकड़ उनके बेटे के लिए राजनीतिक जमीन तैयार कर सकती है। हालांकि अभी तक कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
दूसरी तरफ बीजेपी भी इस सीट को हल्के में लेने के मूड में नहीं दिख रही। 2023 में मिली हार के बाद नरोत्तम मिश्रा की क्षेत्र में बढ़ी सक्रियता साफ संकेत दे रही है कि भाजपा इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। सामाजिक कार्यक्रमों से लेकर संगठन स्तर तक उनकी मौजूदगी लगातार बढ़ी है।
हालांकि पूरे सियासी गणित की दिशा अब अदालत की अगली सुनवाई तय कर सकती है। यदि राजेंद्र भारती को कानूनी राहत नहीं मिलती, तब दतिया में उपचुनाव लगभग तय माना जाएगा। और अगर चुनाव होता है, तो मुकाबला सिर्फ दो दलों का नहीं बल्कि अनुभव बनाम नई पीढ़ी की राजनीति का भी हो सकता है। फिलहाल सवाल यही - क्या कांग्रेस दतिया में जीत के लिए बड़े नेता की विरासत पर दांव लगाएगी, या आखिरी वक्त में कोई नया राजनीतिक कार्ड खेलेगी?

