MP में फसल का काम सिर पर और किसानों को नहीं मिल रहा डीजल, 2 हजार के तेल के लिए 25-25 किलोमीटर से आकर लग रही मायूसी
Monday, Jun 15, 2026-03:43 PM (IST)
बुधनी (अमित शर्मा): बुधनी में किसान डीजल के के लिए तरस रहे हैं क्योंकि उनको तेल नहीं मिल रहा है। प्रदेश सरकार एक और कृषि कल्याण वर्ष मनाकर किसानो की समस्या को दूर करने की बात कर रही है लेकिन किसानों के कल्याण में देरी हो रही है। धरातल पर हालात ये है कि किसानों को अब डीजल के लिए तरसना पड़ रहा है। प्रदेश के किसानों को इस समय खेत में बोनी - बखरनी के लिए डीजल की आवश्यकता है लेकिन पेट्रोल पंपों पर डीजल की किल्लत हो गई है।

बुधनी विधान सभा मे किसानों को दो हजार के डीजल लेने के लिए पेट्रोल पंप पर घंटों लाइन मे लगना पड़ रहा है, डीजल की कमी से लगातार किसानों की मुश्किल बड़ती जा रही है। वही किसानों का कहना है कि हम खेत में काम करें या पेट्रोल पंपों पर लाइन लगा कर खड़े रहे, कभी डीजल मिलता है, तो कभी खाली हाथ लौट कर जाना पड़ रहा हैं।
यूं तो भेरूंदा में लगभग 12 पेट्रोल पंप संचालित हो रहे हैं, परंतु उसके बाद भी डीजल पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रहा है। जिसके चलते किसानों को डीजल की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष करना पड़ा है। आरोप ये भी लगाया जा रहा है कि कुछ पेट्रोल पंप संचालक डीजल आने के बाद रात में ही मिट्टी व रेत माफियाओं को भरपूर तेल उपलब्ध करा रहे हैं और खेती किसानी के लिए डीजल लेने किसानों को संघर्ष करना पड़ रहा है। 25 किलोमीटर से किसानों को ट्रैक्टर लेकर भेरूंदा डीजल लेने आना पड़ता है, जिस में आधा डीजल तो उसके आने-जाने में ही खत्म हो जाता है।
पेट्रोल पंप संचालक रत्नेश खंडेलवाल ने बताया कि हमारे यहां कल रात को टैंकर आया था और मैं अपनी मौजूदगी में सभी ट्रैक्टर व अन्य वाहनों को 2000 हजार रुपए का डीजल डाल रहा हूं। सभी किसानों को डीजल उपलब्ध हो सके,लेकिन डीजल की कमी के चलते पर्याप्त मात्रा में डीजल नहीं मिल रहा है। जिसके कारण पेट्रोल पंप के सामने लंबी लाइन लग रही है। कहा जा सकता है फसल के समय किसानों को डीजल की दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

