प्यार के चक्कर में लुट मत जाना! वैलेंटाइन वीक में डेटिंग ऐप से युवाओं को निशाना बना रहे साइबर ठग, एडवाइजरी जारी
Thursday, Feb 12, 2026-05:21 PM (IST)
इंदौर (सचिन बहरानी) : वैलेंटाइन वीक में जहां लोग रिश्तों की शुरुआत कर रहे हैं, वहीं साइबर ठग इस मौके को ठगी के सीजन में बदल चुके हैं, डेटिंग एप्स पर दोस्ती, फिर गिफ्ट और मुलाकात के नाम पर लोगों से हजारों-लाखों की ठगी हो रही है, हालात को देखते हुए खुद क्राइम ब्रांच ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। खास बात यह कि वेलेंटाइन वीक में इस तरह की वारदातें सबसे अधिक सामने आ रही है।
वैलेंटाइन वीक शुरू होते ही साइबर ठगों की सक्रियता भी तेज हो गई है, प्यार और दोस्ती की तलाश कर रहे लोगों को निशाना बनाकर ठग डेटिंग एप्स पर फर्जी प्रोफाइल बना रहे हैं। आकर्षक तस्वीरें, मीठी बातें और भरोसे की कहानी के जरिए पहले नजदीकियां बढ़ाई जाती हैं, फिर धीरे-धीरे ठगी का जाल बुना जाता है, साइबर अपराधी अक्सर खुद को बड़े शहरों या विदेश में काम करने वाला बताकर लोगों को प्रभावित करते हैं, लगातार चैटिंग और वीडियो कॉल के जरिए भावनात्मक रिश्ता बनाया जाता है ताकि सामने वाला बिना सोचे-समझे उन पर भरोसा करने लगे, जैसे ही भरोसा पुख्ता होता है, ठग गिफ्ट भेजने, होटल बुकिंग, घूमने की योजना या अचानक मेडिकल इमरजेंसी का बहाना बनाकर पैसे मांगने लगते हैं।
कई मामलों में पीड़ितों को यह बताया जाता है कि उनके नाम पर महंगे गिफ्ट भेजे गए हैं जो कस्टम में फंस गए हैं, और उन्हें छुड़ाने के लिए तुरंत शुल्क जमा करना होगा, डर और भावनाओं के दबाव में लोग हजारों से लेकर लाखों रुपए तक ट्रांसफर कर देते हैं, लेकिन इसके बाद ठग संपर्क तोड़ देते हैं।
क्राइम ब्रांच अधिकारी ने बताया कि वैलेंटाइन वीक के दौरान ऐसे मामलों में तेजी से बढ़ोतरी होती है। खासकर युवा वर्ग और अकेले रहने वाले लोग इस जाल में जल्दी फंस जाते हैं। कई पीड़ित सामाजिक शर्म के चलते शिकायत नहीं करते, जिससे अपराधियों के हौसले और मजबूत हो जाते हैं। इसी खतरे को देखते हुए पुलिस ने विशेष एडवाइजरी जारी की है।
पुलिस का कहना है कि किसी भी अनजान प्रोफाइल पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। निजी जानकारी, बैंक डिटेल, ओटीपी या फोटो किसी के साथ साझा न करें। अगर कोई व्यक्ति जल्दी नजदीकी बढ़ाकर पैसे की मांग करता है, तो उसे तुरंत ब्लॉक करें और उसकी शिकायत दर्ज कराएं।

