मध्यप्रदेश बना देश का फूड बास्केट, दाल–कृषि–फूड प्रोसेसिंग में नंबर वन बनने का लक्ष्य- CM मोहन

Friday, Feb 06, 2026-06:51 PM (IST)

इंदौर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश आज देश का फूड बास्केट बन चुका है और राज्य को कृषि, खाद्य प्रसंस्करण तथा दाल उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसान, उद्योग और व्यापार को साथ लेकर विकास का एक नया और समावेशी मॉडल तैयार कर रही है।

इंदौर में ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन की ग्रेन-एक्स इंडिया प्रदर्शनी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जमीन, मशीन और टैक्स से जुड़े हर स्तर पर किसानों और उद्यमियों को सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। कृषक कल्याण वर्ष के अंतर्गत किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि तुअर पर मंडी टैक्स हटाया जा चुका है, जिससे दाल मिल उद्योग को सीधा लाभ मिलेगा। उड़द और मसूर पर भी राहत देने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दालें हमारे भोजन और शाकाहारी संस्कृति का प्रमुख आधार हैं और भारत विश्व का सबसे बड़ा दाल उत्पादक एवं उपभोक्ता देश है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में दूध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य है। मसूर और उड़द उत्पादन बढ़ाने के लिए शीघ्र ही बोनस योजना लाई जाएगी। साथ ही फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देकर किसानों और उद्यमियों दोनों को लाभ पहुंचाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के मध्य में स्थित है और यहां सड़क, रेल व हवाई कनेक्टिविटी बेहद मजबूत है। एयर कार्गो सुविधाओं के विस्तार से व्यापार और निर्यात को नई गति मिलेगी। दाल उद्योग से जुड़े उद्यमियों, मशीन निर्माताओं, निर्यातकों और किसानों के साथ भोपाल में शीघ्र ही कार्यशाला आयोजित की जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक छवि मजबूत हुई है और किसान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। राज्य सरकार ने आगामी पांच वर्षों का किसान कल्याण रोडमैप तैयार किया है और राज्य के बजट को 15 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि के साथ दोगुना करने का संकल्प लिया है। उन्होंने निवेशकों से मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार बिजली, पानी, जमीन और श्रम सुधारों के साथ हरसंभव सहयोग दे रही है। रोजगारपरक उद्योगों के लिए प्रति श्रमिक 10 वर्षों तक 5000 रुपये मासिक प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश आज गेहूं, चना, मसूर, तिलहन, डेयरी, पशुपालन, मत्स्य, फल-सब्जी और पुष्प उत्पादन में अग्रणी बन चुका है। फूड पार्क, नई अनाज मंडियों और खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों के विस्तार से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन की तीन दिवसीय ग्रीन एक्स प्रदर्शनी का शुभारंभ किया और अत्याधुनिक मशीनों का अवलोकन किया, जिनमें देश-विदेश की तकनीक प्रदर्शित की गई है।a


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Content Editor

Vikas Tiwari

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