घूसखोर पंडत का विरोध जारी, मनोज वाजपेयी के खिलाफ कोर्ट में शिकायत दर्ज, कहा-पंडित शब्द तो पवित्रता का प्रतीक

Tuesday, Feb 10, 2026-09:07 PM (IST)

इंदौर : अभिनेता मनोज वाजपेयी अभिनित ‘घूसखोर पंडत’ वेब सीरीज को लेकर विवाद लगातार बढ़ता नदर आ रहा है। ब्राह्मण समाज ने धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाते हुए इस कंटेट का विरोध किया है। जमीनी स्तर पर विरोध प्रदर्शन के बाद अब मामला कोर्ट पहुंच गया है। इसके खिलाफ इंदौर जिला न्यायालय में परिवाद दायर किया गया है। यह परिवाद इंदौर निवासी विकास अवस्थी द्वारा दायर किया गया है।

‘पंडित’ शब्द के प्रयोग पर आपत्ति

परिवादी के अधिवक्ता आकाश शर्मा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर हाल ही में एक वेबसीरीज का ट्रेलर जारी किया गया है, जिसका नाम ‘घूसखोर पंडत’ है। इसके विरूध इंदौर जिला कोर्ट में परिवाद दायर किया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि ‘पंडित’ शब्द ब्राह्मण समाज के लिए सम्मान, पवित्रता और धार्मिक आचरण का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में इस शब्द के साथ ‘घूसखोर’ जैसे नकारात्मक शब्द का प्रयोग पूरे समाज की छवि को नुकसान पहुंचाता है और उसे भ्रष्टाचार से जोड़ने का प्रयास करता है।

IPC की धारा 295A का हवाला

परिवाद में कहा गया है कि भारतीय दंड संहिता की धारा 295A के तहत किसी वर्ग या समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना दंडनीय अपराध है। इसी आधार पर नेटफ्लिक्स, वेबसीरीज के निर्माता-निर्देशक नीरज पांडे, अभिनेता मनोज वाजपेयी सहित अन्य संबंधित पक्षों को परिवाद में पक्षकार बनाया गया है।

कोर्ट में दर्ज होंगे बयान

अधिवक्ता आकाश शर्मा के अनुसार, मामले में शीघ्र ही परिवादी के बयान न्यायालय में दर्ज कराए जाएंगे। इसके बाद कोर्ट से आगे की कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सामाजिक-धार्मिक सम्मान के बीच संतुलन से जुड़ा है, जिस पर न्यायालय को विचार करना होगा।


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meena

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