अपनी पार्टी छोड़ BJP में गए सांसदों पर भड़के दिग्विजय सिंह, बोले- सत्यानाश तय, जनता देगी जवाब!
Wednesday, Apr 29, 2026-12:28 PM (IST)
भोपाल। राज्यसभा सांसद और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Digvijaya Singh ने सीहोर प्रवास के दौरान आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सांसदों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दलबदल की राजनीति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जो नेता अपनी निष्ठा बदलकर भाजपा में गए हैं, उनका “सत्यानाश” तय है। उनके इस बयान ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। दिग्विजय सिंह ने विशेष रूप से आम आदमी पार्टी से भाजपा में गए सांसदों को निशाने पर लेते हुए कहा कि सिद्धांतों और विचारधारा को छोड़कर सत्ता के लिए पाला बदलने वालों का राजनीतिक भविष्य कभी स्थायी नहीं होता। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और ऐसे नेताओं को समय आने पर जवाब जरूर मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो अपनी निष्ठा बदलते हैं, उनका अंत अच्छा नहीं होता।
पूर्व मुख्यमंत्री ने दलबदल को लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि राजनीति सेवा का माध्यम होनी चाहिए, न कि केवल सत्ता पाने का रास्ता। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह विपक्षी दलों के नेताओं को अपने प्रभाव में लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर कर रही है। महिला आरक्षण बिल को लेकर भी दिग्विजय सिंह ने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर केवल राजनीतिक लाभ लेना चाहती है, जबकि उसकी नीयत साफ नहीं है। उनका कहना था कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं को प्रतिनिधित्व देना चाहती है, तो इसे तुरंत लागू करना चाहिए, न कि परिसीमन और जनगणना जैसे बहानों के पीछे छिपना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण बिल को जानबूझकर टाला जा रहा है। अगर नीयत साफ होती, तो यह कानून कई साल पहले ही लागू हो चुका होता। जब मौजूदा स्थिति में आरक्षण दिया जा सकता है, तो फिर देरी क्यों?” उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को इसकी शुरुआत आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से करनी चाहिए। दिग्विजय सिंह के इस बयान ने न केवल दलबदल की राजनीति पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को घेरने का प्रयास किया है। उनके सत्यानाश” वाले बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है और आने वाले दिनों में इस पर प्रतिक्रियाओं का दौर तेज होने की संभावना है।

