राम मंदिर में दिए ₹1.11 लाख वापस मांगेंगे दिग्विजय सिंह, बोले - शिवराज से ज्यादा दान दिया था'', अयोध्या कोर्ट जाएंगे
Friday, Jul 03, 2026-07:58 PM (IST)
भोपाल: राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के बीच मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने बड़ा राजनीतिक और कानूनी कदम उठाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए उनके द्वारा दिए गए 1 लाख 11 हजार रुपये के दान का यदि दुरुपयोग या गबन हुआ है, तो वह अयोध्या की अदालत का दरवाजा खटखटाकर अपनी राशि वापस मांगेंगे। उनका कहना है कि वापस मिली राशि को वह किसी विश्वसनीय धार्मिक ट्रस्ट के माध्यम से भगवान राम की सेवा में ही समर्पित करेंगे।
भोपाल में मीडिया से चर्चा के दौरान दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्होंने भगवान राम के प्रति अपनी आस्था और भव्य मंदिर निर्माण की भावना से यह दान दिया था। उनका आरोप है कि चढ़ावे के प्रबंधन में गंभीर गड़बड़ियों की खबरें सामने आने के बाद श्रद्धालुओं का विश्वास प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि यह केवल पैसों का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ा विषय है।
दिग्विजय सिंह ने यह भी दावा किया कि उस समय के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक लाख रुपये का योगदान दिया था, इसलिए उन्होंने उससे अधिक 1.11 लाख रुपये दान किए। उनके मुताबिक उन्होंने यह राशि सीधे ट्रस्ट के खाते में जमा कराई थी और इसकी विधिवत रसीद भी उनके पास मौजूद है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्हें पुलिस जांच पर भरोसा नहीं है, इसलिए वह सीधे अदालत में याचिका दायर करेंगे। उनका कहना है कि यदि दान की राशि में वास्तव में गड़बड़ी हुई है तो दानदाताओं को न्याय मिलना चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
गौरतलब है कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नकद दान और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं के कथित गबन का मामला सामने आने के बाद जांच एजेंसियां सक्रिय हैं। आरोप है कि चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़े कुछ कर्मचारियों और बैंक कर्मियों की मिलीभगत से वित्तीय अनियमितताएं हुईं। मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है और अब तक कई आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।
दिग्विजय सिंह के इस ऐलान ने एक बार फिर राम मंदिर दान प्रबंधन और उसकी पारदर्शिता को लेकर सियासी बहस तेज कर दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि अयोध्या की अदालत में दायर होने वाली संभावित याचिका इस पूरे मामले को किस नई दिशा में ले जाती है।

