मंदसौर जिला अस्पताल पर गंभीर आरोप: डॉक्टर की लापरवाही से महिला समेत दो नवजातों की मौत
Friday, Jan 09, 2026-09:47 PM (IST)
मंदसौर. (शाहरुख मिर्जा): मध्य प्रदेश से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां डॉक्टर की कथित लापरवाही के चलते एक महिला और उसके दो नवजात बच्चों की मौत होने का आरोप लगा है। पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है।
मंदसौर शहर के हजारी बाग क्षेत्र निवासी अंकित गेहलोत ने जिला अस्पताल की डॉक्टर ऋतु शर्मा पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। अंकित का कहना है कि उनकी पत्नी पूनम का इलाज पिछले आठ महीनों से डॉक्टर ऋतु शर्मा के यहां चल रहा था।
16 दिसंबर 2025 को कराई गई सोनोग्राफी में गर्भ में जुड़वा बच्चों के जीवित होने की पुष्टि हुई थी। लेकिन पांच दिन बाद जब वे दोबारा डॉक्टर के पास पहुंचे, तो बिना किसी जांच के छह दिन की दवाइयां लिख दी गईं। इसके अगले दिन निजी उपचार के दौरान पूनम को बोतल और इंजेक्शन लगाकर घर भेज दिया गया।
परिजनों का आरोप है कि इसके बाद पूनम की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने उन्हें मंदसौर जिला अस्पताल रेफर किया, लेकिन वहां भी समुचित इलाज नहीं मिल पाया। इसके बाद परिजन पूनम को उदयपुर लेकर पहुंचे, जहां जांच में सामने आया कि गंभीर संक्रमण के कारण गर्भ में ही दोनों नवजात बच्चों की मौत हो चुकी थी। इसके बाद ऑपरेशन के दौरान पूनम की भी मौत हो गई।
महिला के पति का कहना है कि अगर शुरुआत में सही इलाज मिल जाता और जिला अस्पताल में भी समय रहते उपचार होता, तो मेरी पत्नी और मेरे दोनों बच्चों की जान बच सकती थी।
पीड़ित परिवार का कहना है कि डॉक्टर की शुरुआती लापरवाही और सरकारी अस्पताल में इलाज की कमी के चलते यह दर्दनाक हादसा हुआ। घटना के बाद से पूरा परिवार सदमे में है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।
मामले को लेकर जब जिला अस्पताल की डॉक्टर ऋतु शर्मा से पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उन्होंने बातचीत करने से साफ इनकार कर दिया। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है। अब देखना होगा कि जांच में क्या सामने आता है और पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं।

