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बड़े नेताओं की एंट्री बंद! युवा कांग्रेस चुनाव में इस बार बदले जाएंगे सत्ता के समीकरण,नए नियमों ने बढ़ाई दिग्गजों की टेंशन

Thursday, May 07, 2026-12:32 PM (IST)

छत्तीसगढ़ः राज्य की राजनीति में युवा कांग्रेस चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसी बीच पार्टी ने अपने चुनाव के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। खास बात यह है कि इस बार प्रदेश की राजनीति में युवाओं को आगे लाना तय किया जा रहा है। इसके लिए बड़े नेताओं के नाम और प्राइवेट एजेंसियों के उपयोग पर बैन लगाने जैसे कई निर्णय लिए गए है। ताकि, आम कार्यकर्ताओं को भी राजनीति में मजबूत भागीदारी मिले।  

भारतीय युवा कांग्रेस ने अपने चुनाव और नए सदस्य बनाने के नियमों में बड़ा बदलाव किया हैं। पार्टी ने प्रदेश की राजनीति में युवाओं की भागीदारी के लिए यह अहम कदम उठाया है। इस नए सिस्टम का मुख्य उद्देश्य यह है कि संगठन में पैसे या बड़े नेताओं की सिफारिश का असर कम हो और मेहनत करने वाले आम कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने का मौका मिले। युवा कांग्रेस ने नए “सोशल इंजीनियरिंग” फॉर्मूले के तहत अब ऐसे युवाओं को प्राथमिकता देने का फैसला किया है, जिनकी जमीन पर अपना जनाधार है।

पहली बार संगठन में महिलाओं, पिछड़े वर्गों, दिव्यांगों और ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों के लिए भी अहम पद तय किए गए हैं। पार्टी का कहना है कि ब्लॉक स्तर से लेकर राज्य स्तर तक संगठन को ज्यादा पारदर्शी और बेहतर तरीके से तैयार किया गया है। ब्लॉक कमेटी में 21 सदस्य और विधानसभा कमेटी में 33 सदस्य होंगे। चुनाव जीतने के लिए उम्मीदवार को कम से कम 10 वोट हासिल करना जरूरी होगा। इसी तरह, जिला और राज्य स्तर की कमेटियों के चुनाव में उम्मीदवार को कम से कम 20 वोट मिलने चाहिए। इसके अलावा, कुल जिलों में से 12.5% जिलों में अध्यक्ष का पद केवल एससी/एसटी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित रहेगा।

एक और खास बात यह है कि इस बार सदस्यता शुल्क 50 रुपए से बढ़ाकर 75 रुपए कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी भले छोटी लगे, लेकिन इसके पीछे संगठन की गंभीरता और संसाधनों को मजबूत करने की रणनीति साफ झलकती है। युवा कांग्रेस इस बार प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाने पर जोर दे रही है। चुनाव प्रक्रिया दो चरणों में होगी पहले मतदान और फिर इंटरव्यू। अंतिम चयन वरिष्ठ नेतृत्व के हाथ में रहेगा। इस बार उम्र को भी एक अहम पैमाना बनाया गया है, जिसमें खासतौर पर 1989, 1990 और 1991 आयु वर्ग के दावेदारों पर फोकस रहने की चर्चा है। इससे यह संकेत मिलता है कि संगठन अनुभव और युवा ऊर्जा के बीच संतुलन साधने की कोशिश में है।


 


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Content Editor

Vandana Khosla

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