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आखिर प्रदर्शन के दौरान ऐसा क्या हुआ? 9 नेताओं पर दर्ज हो गई FIR

Wednesday, Jul 22, 2026-07:01 PM (IST)

रायपुर। राजधानी रायपुर में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ आयोजित युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने बड़ी कानूनी कार्रवाई की है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था भंग करने, शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने और पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की के आरोप में 9 नामजद नेताओं समेत अन्य अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है।

पुलिस के अनुसार मामला 21 जुलाई को अंबेडकर चौक पर आयोजित उस विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसमें दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया जाना था। कार्यक्रम के मद्देनज़र मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

पुलिस का दावा—समझाइश के बावजूद बढ़ा विवाद

पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को कई बार शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और सड़क को अवरुद्ध नहीं करने की समझाइश दी गई। इसके बावजूद कुछ लोगों ने पुतला दहन का प्रयास किया। सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस ने आग बुझा दी, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।

महिला आरक्षक से अभद्रता और चोट पहुंचाने का आरोप

एफआईआर महिला आरक्षक सविता यादव की शिकायत पर दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दी, जिससे आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। जब पुलिस ने रास्ता खाली कराने की कोशिश की तो धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।

शिकायत के मुताबिक इस दौरान महिला आरक्षक का हाथ पकड़कर जोर से मरोड़ा गया, जिससे उन्हें चोट आई। साथ ही उनके कंधे पर लगा
पुलिस विभाग का बैज भी गिर गया। पुलिस का कहना है कि इस घटना से सरकारी ड्यूटी के निर्वहन में बाधा उत्पन्न हुई।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

सिविल लाइन थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 391/2026 के तहत नीरज पांडेय, अमित शर्मा, संस्कार पांडेय, तारिक अनवर, कुणाल दुबे, प्रशांत गोस्वामी, रामायण सिंह, विकास कुमार, श्रद्धा नाथ सहित अन्य प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 121(1), 126(2), 132, 191(2) और 221 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

वीडियो फुटेज से होगी अन्य आरोपियों की पहचान

पुलिस का कहना है कि नामजद आरोपियों के अलावा घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ भी नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

राजनीतिक बयानबाजी तेज

इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। एक ओर पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कह रही है, वहीं विपक्षी दल कार्रवाई को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना रह सकता है।


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Content Editor

Himansh sharma

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